मंत्री विक्रमादित्य सिंह बोले- हमारे प्यार को कमजोरी समझें, अड़ंगा डालने वालों को बख्शेंगे नहीं

शिमला। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की ओर से अफसरों पर की गई टिप्पणी को लेकर सियासी घमासान मचा है। विक्रमादित्य सिंह अपने बयान पर अडिग हैं। शुक्रवार को विक्रमादित्य ने कहा कि हम सबसे विनम्रता में बात करने पर विश्वास रखते हैं। अगर बिना मतलब से कोई अड़ंगा डालेगा और प्रॉब्लम क्रिएट करेगा, प्रदेश हित में उसे बख्शा नहीं जाएगा। हम किसी से डरने वाले नहीं हैं।

हमारा स्वभाव रहा है कि बात विनम्रता से की जाए। अगर कोई व्यक्ति हमारे प्यार को कमजोरी समझने की गुस्ताखी करने की कोशिश करेगा, उसे सहन नहीं किया जाएगा। मंत्री के इस बयान से हिमाचल की राजनीति में फिर हलचल मच गई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू दिल्ली दौरे पर हैं। उनके शिमला लौटने पर ही इस पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रदेश कैबिनेट की बैठक 19 जनवरी को होगी। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य पहले ही कह चुके हैं कि अगर मुख्यमंत्री इस बारे में पूछेंगे, उन्हें इस बारे में बताया जाएगा। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि कैबिनेट के एजेंडे के अलावा इस मामले में चर्चा हो सकती है।
मंत्री ठीक हों तो अधिकारी खुद ठीक करते हैं काम : सुरेश
मुख्यमंत्री के गृह जिला हमीरपुर के भोरंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेश कुमार ने कहा है कि मंत्री स्वयं ठीक हों तो अधिकारी अपने आप ठीक ढंग से काम करते हैं। विधायक सुरेश कुमार हमीरपुर में शुक्रवार को जिला कल्याण समिति की बैठक के बाद मीडिया कर्मियों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को नियंत्रित करना मंत्री का कार्य होता है। यदि कोई मंत्री यह भूमिका ठीक से नहीं निभा पा रहा है, तो उसे दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपने भीतर झांककर देखना चाहिए कि कहीं कमी स्वयं में तो नहीं है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व शीर्ष पर होता है और वही कार्यों को दिशा देने का काम करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी और कर्मचारी नेतृत्व द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार ही कार्य करते हैं। यदि कोई मंत्री स्पष्ट और प्रभावी दिशा-निर्देश देने में सक्षम नहीं है, तो उसे इस विषय पर गंभीरता से आत्ममंथन करना चाहिए। इससे पहले विक्रमादित्य सिंह के बयान पर पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह भी उन्हें घेर चुके हैं। अब मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बेहद करीबी माने जाने वाले विधायक सुरेश कुमार ने उन्हें नसीहत दे डाली है।

मंत्री-अधिकारी उलझे, जनता परेशान : बिहारी
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के भीतर चल रहा आपसी टकराव और बयानबाजी अब खतरनाक स्तर तक पहुंच चुकी है। मंत्री, अधिकारी और सरकार के विभिन्न घटक आपस में उलझे हुए हैं, जबकि प्रदेश की जनता इस पूरे सत्ता संघर्ष में बुरी तरह परेशान हो चुकी है।

शुक्रवार को जारी बयान में बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह के हालिया बयानों ने यह साबित कर दिया है कि कांग्रेस सरकार के भीतर न तो समन्वय है और न ही नेतृत्व की स्पष्ट दिशा। एक मंत्री कुछ कहता है, दूसरा उसका खंडन करता है और तीसरा संयम की नसीहत देता है। यह सब मिलकर सरकार की अराजक स्थिति को उजागर करता है।
अलग प्लेटफार्म पर बात रखें जनप्रतिनिधि : नेगी
लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह के अधिकारियों पर दिए गए बयान पर बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने के लिए अलग से प्लेटफार्म दिया गया है। वहां वे बात रख सकते हैं, लेकिन जो जनता के बीच बात रखे, वे ठीक नहीं हैं। बागवानी मंत्री नौणी विवि में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इन दिनों जो चल रहा है, वह ठीक नहीं है। सरकार में बड़ा दायित्व जनप्रतिनिधियों को मिला है।

कीटनाशक दवाइयों की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए बनेगा कानून
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सकरार कीटनाशक दवाइयों की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कानून बनाने पर विचार कर रही है। वर्तमान में इनकी कीमतों पर कोई नियंत्रण नहीं है। यही कारण है कि इन दवाओं की कीमतें बहुत अधिक हैं। उन्होंने कहा कि भांग की खेती सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए कृषि विवि व बागवानी विवि को फंड जारी किए गए है। इसकी खेती जल्द शुरू हो ताकि किसानों व बागवानों की आर्थिकी मजबूत हो। इसकी दो तरह की खेती होगी। एक औद्योगिक जो पूरे प्रदेश में होगी और औषधीय चिह्नित क्षेत्रों में होगी। सरकार द्वारा दोनों खेती के लिए अलग-अलग एसओपी बनाई जाएगी।

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