
हंसराज सैनी नेरचौक
मंडी, से 25 जनवरी,26
शादी के मंडप तक पहुंचने का जज्बा जब मजबूत हो, तो बर्फ, अंधेरा और दुर्गम रास्ते भी बाधा नहीं बनते। मंडी जिले के सराज विधानसभा क्षेत्र में हाल ही में ऐसा ही एक प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जहां भारी हिमपात के बावजूद दूल्हे और बरातियों का हौसला जरा भी नहीं डगमगाया।
बुनालीधार निवासी गितेश ठाकुर की शादी उस समय तय कार्यक्रम के अनुसार हुई, जब क्षेत्र में लगातार हो रही बर्फबारी के चलते सड़कें पूरी तरह बंद हो चुकी थीं। चारों ओर बर्फ की सफेद चादर बिछी थी और शाम ढलते ही अंधेरा भी गहराने लगा था। ऐसे हालात में विवाह समारोह टल सकता था, लेकिन दुल्हन को लेने का संकल्प हर मुश्किल पर भारी पड़ गया।
दूल्हा गितेश ठाकुर अपने परिजनों और बरातियों के साथ करीब सात किलोमीटर का दुर्गम और बर्फीला रास्ता पैदल तय कर बैंचड़ी गांव पहुंचा। ठंड और फिसलन भरे रास्तों के बावजूद बरात का उत्साह कम नहीं हुआ। रास्ते भर पारंपरिक गीतों और हौसले से भरे कदमों के साथ बरात आगे बढ़ती रही।
बर्फ से ढके गांव में पहुंचकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह की सभी रस्में पूरी की गईं। चारों ओर बर्फ के बीच संपन्न हुआ यह विवाह क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। ग्रामीणों ने भी इस अनोखी बरात की सराहना की और इसे जज्बे, परंपरा और रिश्तों की मजबूत डोर का प्रतीक बताया।
यह घटना न केवल एक शादी की कहानी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि पहाड़ों में रहने वाले लोगों का साहस और दृढ़ संकल्प किसी भी परिस्थिति से बड़ा होता है। बर्फीले रास्तों पर पैदल चलती बरात आज भी लोगों को प्रेरणा दे रही है और यह संदेश दे रही है कि सच्चा हौसला हर मुश्किल को आसान बना देता है।





