
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मंडी के सौजन्य से उपमंडल सरकाघाट में आयोजित पांच दिवसीय आपदा प्रबंधन कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हुआ। समापन अवसर पर एसडीएम सरकाघाट राजेन्द्र कुमार गौतम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
यह कार्यशाला 19 जनवरी से 23 जनवरी तक आयोजित की गई, जिसमें उपमंडल सरकाघाट की विभिन्न पंचायतों से आए 32 नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को आपदा की स्थिति में त्वरित एवं सुरक्षित बचाव के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
समापन अवसर पर एसडीएम सरकाघाट राजेन्द्र कुमार गौतम ने सभी स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं, जंगलों में आग तथा अन्य आकस्मिक दुर्घटनाओं के दौरान नागरिकों की सुरक्षा में स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसी उद्देश्य से उन्हें यह प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
एसडीएम ने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान जो भी सीखा है, उसे वास्तविक परिस्थितियों में सक्रिय रूप से लागू करें तथा आपदा के समय प्रशासन और आमजन के बीच सेतु बनकर अपना योगदान सुनिश्चित करें।
कार्यशाला के दौरान स्वयंसेवकों को प्राथमिक चिकित्सा, फुट-ड्रिल, स्काउट्स बनाना, स्ट्रैचर लेसिंग सहित आपातकालीन बचाव के विभिन्न तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में आपदा की स्थिति में घायल व्यक्ति को स्ट्रैचर के माध्यम से सीधा व तिरछा उठाने की विधि को सरल और व्यवहारिक ढंग से समझाया गया। इसके लिए विभिन्न नॉट्स (गांठें) जैसे रिफ नॉट, थंब नॉट, रनिंग बो-लाइन नॉट सहित अन्य नॉट्स के प्रयोग का अभ्यास भी करवाया गया।
इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को जंगल की आग, गांव में लगने वाली आग तथा एलपीजी से होने वाली आग के कारणों और उन्हें बुझाने के प्रभावी तरीकों पर भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर स्वयंसेवकों को आपदा के समय सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा नशा एवं चिट्टा की रोकथाम हेतु शपथ भी दिलाई गई।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में गृह रक्षक विभाग सरकाघाट से आए कंपनी कमांडर मेहर चंद तथा प्लाटून कमांडर राजीव कुमार ने स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया। कार्यशाला में प्लाटून कमांडर राजीव कुमार के सहयोगी दीनानाथ, विभिन्न पंचायतों से आए नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।





