
निरमंड |
निरमंड क्षेत्र में आज मनरेगा मजदूरों और निर्माण मजदूरों की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में हिमाचल किसान सभा के जिला सचिव पूरन ठाकुर तथा निर्माण यूनियन शिमला जिला के महासचिव दिनेश मेहता विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता सुषमा ने की।
बैठक में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 12 फरवरी 2026 को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया गया। इस दौरान मजदूरों से आह्वान किया गया कि सभी मनरेगा व निर्माण मजदूर एकजुट होकर हड़ताल में भाग लें।
बैठक को संबोधित करते हुए पूरन ठाकुर, दिनेश मेहता और परमिंदर ने कहा कि केंद्र सरकार ने 21 नवंबर 2025 को चार मजदूर विरोधी लेबर कोड लागू करने की अधिसूचना जारी कर देशभर के मजदूरों के खिलाफ आर्थिक युद्ध छेड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लेबर कोडों के जरिए मजदूरों को गुलाम बनाने और मालिक वर्ग को खुली छूट देने की कोशिश की जा रही है।
वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी देने वाले मनरेगा कानून को कमजोर करने और समाप्त करने की मंशा से लाया गया वीबी–जी–राम–जी विधेयक ग्रामीण रोजगार, किसानों की अर्थव्यवस्था और मजदूरों की आजीविका पर सीधा हमला है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर समाप्त हो जाएंगे।
उन्होंने चारों लेबर कोडों को मजदूर विरोधी, अमीरपरस्त और गुलामी की ओर ले जाने वाला करार देते हुए इन्हें तुरंत रद्द करने की मांग की। साथ ही मनरेगा को खत्म करने के लिए लाए गए वीबी–जी–राम–जी विधेयक को वापस लेने की मांग भी उठाई गई।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि निरमंड क्षेत्र के सभी मनरेगा मजदूर व निर्माण मजदूर 12 फरवरी की हड़ताल में पूरी ताकत से शामिल होंगे।
बैठक में केवल राम, नेहरलाल, सुषमा, प्रेम, भीकमा, उर्मिला, दुर्गादास सहित अन्य मजदूर उपस्थित रहे।





