
मंडी,
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज रिवालसर स्थित भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्र स्तरीय एडवोकेसी कार्यशाला के समापन समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने सभी स्काउट्स एंड गाइड्स का आह्वान किया कि वे नशे के विरुद्ध प्रदेश सरकार की लड़ाई में अग्रणी नायक की भूमिका निभाएं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देव भूमि और वीर भूमि के रूप में जाना जाता है। प्रदेश को नशे जैसी कुरीतियों से मुक्त करने में युवा पीढ़ी अपनी सार्थक भूमिका निभा सकती है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि भारत स्काउट एंड गाइड के सहयोग से ‘निश्चय’ कार्यक्रम के तहत नशीले पदार्थों के विरुद्ध व्यापक एवं प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है। स्कूल व कॉलेज स्तर पर इसके तहत एंटी ड्रग स्क्वैड गठित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड काल में भी सामुदायिक सहयोग में स्काउट्स एवं गाइड्स की भूमिका सराहनीय रही है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि युवा पीढ़ी देश व प्रदेश की बहुमूल्य संपदा है और इनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश सरकार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने संतोष जताया कि आज हिमाचल 99.30 साक्षरता दर के साथ देशभर में गोआ के साथ सर्वोपरि स्थान पर पहुंचा है। प्रदेश सरकार अपने बजट का लगभग 17 प्रतिशत शिक्षा क्षेत्र में व्यय कर रही है।
उन्होंने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, राष्ट्रीय मुख्यालय तथा हिमाचल प्रदेश भारत स्काउट्स एवं गाइड्स को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि लगभग दो सौ प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी, जिनमें विभिन्न राज्यों एवं संगठनों से आए स्काउट्स और गाइड्स शामिल हैं, इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि युवा शक्ति आज सतत् विकास के लक्ष्यों को लेकर गंभीर, सजग और संकल्पबद्ध है।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित 17 सतत् विकास लक्ष्य केवल वैश्विक घोषणाए नहीं हैं, बल्कि ये मानवता के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतिबिम्ब हैं। यदि हम गहराई से देखें, तो पाएंगे कि इन लक्ष्यों की आत्मा और स्काउटिंग के मूल सिद्धांत, सेवा, अनुशासन, नेतृत्व, आत्मनिर्भरता और करुणा-आपस में पूर्णतः सामंजस्य रखते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स का आंदोलन स्वाभाविक रूप से इन लक्ष्यों को व्यवहार में उतारने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि स्काउट्स और गाइड्स समाज के जमीनी स्तर पर एसडीजी को क्रियान्वित करने में एक महत्त्वपूर्ण भागीदार की भूमिका निभा रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना, लैंगिक समानता और सामाजिक समावेशन को सशक्त करना, स्वास्थ्य, स्वच्छता और कल्याण के प्रति जागरूकता फैलाना, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए पहल करना स्काउटिंग गतिविधियों का अभिन्न हिस्सा है। आपदा प्रबंधन, सामुदायिक सेवा और आपात स्थितियों में स्वयं सेवक के रूप में स्काउट्स की भूमिका समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रही है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह कार्यशाला इस बात का सशक्त उदाहरण है कि किस प्रकार स्काउट्स और गाइड्स शिक्षा, सेवा और नवाचार को जोड़ते हुए सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में ठोस कार्य कर सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कार्यशाला में हुए विचार-विमर्श, अनुभवों का आदान-प्रदान और व्यावहारिक सीख निश्चय ही प्रतिभागियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए प्रेरित करेगी।
रोहित ठाकुर ने कहा कि यह केवल पांच दिनों की कार्यशाला नहीं, बल्कि एक सतत् यात्रा की शुरुआत है, जिसका लक्ष्य एक समावेशी, न्यायपूर्ण और सतत् भविष्य का निर्माण है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी मिलकर यह संकल्प लें कि सतत् विकास के लक्ष्यों को केवल समझेंगे ही नहीं, बल्कि उन्हें अपने जीवन और कार्यों में उतारकर समाज और राष्ट्र को एक नई दिशा प्रदान करेंगे।
इस अवसर पर उन्होंने सिंगापुर शैक्षणिक भ्रमण के अनुभवों पर आधारित अशोक ठाकुर द्वारा लिखित ‘बेमिसाल शिक्षा से बना बेमिसाल देश’ पुस्तक का विमोचन भी किया। साथ ही शिविर के सफल आयोजन में सहयोग के लिए प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया।
भारत स्काउट एंड गाइड के राज्य मुख्य आयुक्त सह निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा ने सभी का स्वागत किया और स्काउटिंग गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
सहायक निदेशक (युवा कार्यक्रम) अलेनेंदर शर्मा ने इस शिविर की महत्ता और इस दौरान आयोजित गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि इस शिविर में हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर तथा रेलवे से आए प्रतिभागियों ने भाग लिया।
राज्य सचिव डॉ. राजकुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंपा ठाकुर, चयन राही, उपमंडलाधिकारी (ना.) स्मृतिका नेगी सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी व अन्य गणमान्य उपस्थित थे।





