Himachal: दलाई लामा कार्यालय के लेटरहेड का दुरुपयोग, झूठी सूचनाएं फैलाईं, जांच में खुलासा

धर्मशाला में स्थित केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) ने उन सोशल मीडिया अकाउंट्स की कड़ी निंदा की है जो तिब्बती आध्यात्मिक नेता एवं 14वें दलाई लामा के कार्यालय के आधिकारिक लेटरहेड का दुरुपयोग कर अमेरिकी फाइनेंसर और यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से संबंधित भ्रामक और झूठी सूचनाएं फैला रहे हैं। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के सुरक्षा विभाग की ओर से की गई प्रारंभिक जांच में पाया गया कि संबंधित उपयोगकर्ता 17 जनवरी, 2026 को इस समूह से जुड़ा था और उसी दिन तिब्बती चुनावों से संबंधित फर्जी खबर साझा की गई। यह उस पेज की एकमात्र सक्रियता थी। जांच में यह भी सामने आया कि साझा की गई सामग्री कनाडा के वैंकूवर स्थित एक चीनी भाषा की वेबसाइट पर प्रकाशित लेख से ली गई थी।
बताया गया है कि यह वेबसाइट पूर्व में भी निर्वासित तिब्बती समुदाय को निशाना बनाते हुए एकपक्षीय, पक्षपातपूर्ण और विभाजनकारी सामग्री प्रकाशित करती रही है। ऐसी सामग्री का उद्देश्य जनमत को प्रभावित करना, सामाजिक विभाजन को गहरा करना और केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के प्रति लोगों के विश्वास को कमजोर करना प्रतीत होता है। जांच में पाया कि केल्लिसटोस रिह्म नाम से संचालित एक फर्जी अकाउंट ने ‘फ्री तिब्बती मूवमेंट’ नामक फेसबुक समूह में दलाई लामा के कार्यालय के आधिकारिक लेटरहेड पर तैयार एक जाली दस्तावेज प्रसारित किया, जिससे आम जनता के बीच भ्रम, गलतफहमी और चिंता का माहौल पैदा हुआ। इस मामले में जब केंद्रीय तिब्बती प्रशासन ने संबंधित फेसबुक समूह की प्रशासक पेमा मसीह से संपर्क किया, तो उन्होंने अपने समूह के माध्यम से प्रसारित भ्रामक जानकारी पर खेद व्यक्त किया।

संबंधित उपयोगकर्ता को तत्पश्चात समूह से हटा दिया गया। इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए केंद्रीय तिब्बती प्रशासन ने आम जनता, सोशल मीडिया समूहों के प्रशासकों और उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे समूहों से जुड़ने वाले खातों की पहचान और उनकी मंशा को लेकर सतर्क रहें तथा अज्ञात स्रोतों से साझा की जा रही सूचनाओं की सत्यता की जांच अवश्य करें। फर्जी समाचारों के प्रकाशन, प्रसार और वितरण की सूचना देने के लिए केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के सुरक्षा विभाग से संपर्क करने की अपील भी की गई है। गत दिवस आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के कार्यालय ने उन मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट्स को सिरे से खारिज किया था, जिनमें तथाकथित एपस्टीन फाइल्स के हवाले से उन्हें अमेरिकी फाइनेंसर और यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश की गई थी।

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