
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के इतिहास में पहली मर्तबा इस बार बजट सत्र का अलग ही स्वरूप होगा। नियमों में इस तरह का प्रावधान है, लेकिन प्रदेश में यह पहली बार होगा कि बजट सत्र को चरणबद्ध आयोजित किया जा रहा है। सत्र के पहले चरण में अस्थायी कार्यसूची के तहत तीन सिटिंग होंगी, लेकिन इनकी बैठकों की संख्या में भी इजाफा होने के संकेत विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने दिए हैं। ऐसे में बिजनेस ज्यादा होता है, तो इसे बढ़ाया भी जा सकता है। कुल-मिलाकर हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र पहली बार हटकर होगा। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा का 11वां सत्र 16 फरवरी को आरंभ होने जा रहा है। अभी तक दो चरणों में बजट सत्र होना माना जा रहा है। इसमें पहले चरण में सत्र 16 से 18 फरवरी तक चलेगा और इस संबंध में विधानसभा सचिवालय की ओर से अधिसूचना भी पूर्व में जारी कर दी थी। उधर, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि नियमों के तहत बजट सत्र को इस तरह से आयोजित करने का प्रावधान है, लेकिन हिमाचल विधानसभा के इतिहास में यह पहला मौका होगा, जब बजट सत्र इस स्वरूप में होगा। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अभी तक सत्र में तीन ही सिटिंग रखी गई है।
बिजनेस ज्यादा होता है, तो इसे बढ़ाया भी जा सकता है। हांलाकि बजट सत्र के पहले चरण में सिटिंग बढऩे की संभावना इसलिए भी जताई जा रही है, क्योंकि इन दिनों प्रदेश में राजस्व घाटा अनुदान का मुद्दा गर्माया हुआ है। कांग्रेस और भाजपा आरडीजी को लेकर एक-दूसरे पर लगातार हमलावर है और बयानबाजी का दौर जारी है। वहीं, सरकार की तरफ से नियम 102 के तहत राजस्व घाटा अनुदान पर चर्चा के लिए नोटिस भी विधानसभा सचिवालय को दे दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर सदन के भीतर सता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होगी और यह दौर लंबा भी चल सकता है। ऐसे में भी बजट सत्र के पहले चरण में तीन से अधिक सिटिंग हो सकती हैं।
विधानसभा सत्र से पहले होगी सर्वदलीय बैठक
कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि विधानसभा सत्र आरंभ होने से पहले सर्वदलीय बैठक सोमवार को बुलाई गई है। दोपहर में इस बैठक का आयोजन होगा। इसमें सभी दलों के नेता, संसदीय कार्य मंत्री, मुख्य सचेतक और दोनों दलों के उप मुख्य सचेतक उपस्थित रहेंगे। बैठक में सत्र को लेकर चर्चा होगी और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने की अपील की जाएगी।
भाजपा-कांग्रेस विधायक दल बनाएंगे रणनीति
हिमाचल प्रदेश की 14 वीं विधानसभा का सोमवार दोपहर से आरंभ हो रहे सत्र को लेकर कांग्रेस और भाजपा विधायक दल आज शिमला में अपनी रणनीति बनाएगा। कांग्रेस विधायक दल की बैठक सीएम सुखविंदर सुक्खू की अध्यक्षता में होगी, जबकि विपक्ष से भाजपा विधायक दल नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अगवाई में बैठक कर सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति बनाएगा।
प्रीविलेज मोशन पर नियमों के तहत की जा रही कारवाई
कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि विधानसभा सचिवालय को प्रीविलेज मोशन को लेकर डीसी मंडी के खिलाफ शिकायत मिली है। इस पर आगामी कार्रवाई करते हुए मुख्य सचिव के जरिए डीसी से जवाब मांगा गया है और यह अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि जैसे ही जवाब मिलेगा, उसके बाद नियमों के तहत आगामी कारवाई की जाएगी। वहीं, एसपी बद्दी के खिलाफ लाए गए प्रिविलेज मोशन को लेकर पूछे सवाल के जवाब में कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि गृह सचिव को नोटिस भेज कर जवाब मांगा गया है। उन्होंने कहा कि प्रिविलेज मोशन के पेंडिंग मामलों पर नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
आज सदन में रखे जाएंगे दो विधेयक
पहले दिन विक्रमादित्य सिंह और राजेश धर्माणी लाएंगे प्रस्ताव
हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सदन में दो महत्त्वपूर्ण विधेयक रखे जाएंगे। सबसे पहले सदन में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह हिमाचल प्रदेश नगर निगम (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025 (2025 का विधेयक संख्यांक 21) पर पुनर्विचार का प्रस्ताव रखेंगे। इसके बाद नगर एवं ग्राम योजना मंत्री राजेश धर्माणी भूसंपदा (विनमयन और विकास) हिमाचल प्रदेश संशोधन विधेयक, 2025 (2025 का विधेयक संख्यांक 22) का प्रस्ताव पुर्नविचार के लिए सदन में लाएंगे। हिमाचल प्रदेश 14 वीं विधानसभा के 11वें सत्र के पहले दिन की कार्यसूची विधानसभा सचिवालय ने जारी कर दी है। इसके तहत विधानसभा सत्र का आगाज 16 फरवरी दोपहर दो बजे प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण से होगा, जिसके पश्चात सदन में कुमारसैन के पूर्व विधायक भगत राम चौहान के निधन पर शोकोद्गार होगा।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू वर्तमान सप्ताह की शासकीय कार्यसूची पर वक्तव्य देंगे। सोमवार को ही दो स्वीकृत विधेयक सभा पटल पर रखें जाएंगें। इनमें हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2025 (2026 का अधिनियम संख्यांक-1) और कारखाना (हिमाचल प्रदेश संशोधन) विधेयक 2020(2026 का अधिनियम संख्यांक-1) शामिल है। कार्यसूची के मुताबिक इसके बाद सदन में दो विधेयकों को पुनर्विचार के लिए सदन में रखा जाएगा।
आरडीजी पर हर्षवर्धन चौहान लाएंगे सरकारी संकल्प
सोमवार को नियम 102 के तहत सरकारी संकल्प लाएंगे। जिसमें उद्योग एवं संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान प्रस्ताव रखेंगे कि प्रदेश को संविधान के अनुच्छेद 275 तथा 280 के तहत राजस्व सहायता अनुदान की राशि 5वें वित्त आयोग से 15वें वित्त आयोग तक प्राप्त हो रही थी, जो कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप केंद्र सरकार द्वारा आगामी वित्तीय वर्ष से बंद कर दी गई है। जिससे प्रदेश में आर्थिक संकट के हालात पैदा हुए हैं। इसके दृष्टिगत उद्योग मंत्री सदन में राजस्व सहायता अनुदान राशि को बहाल करने का सदन में प्रस्ताव लाएंगे।





