
जिस तरह से राहुल गांधी संसद में संविधान की प्रति लेकर जाते हैं, उसी तरह मंगलवार को उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी विधानसभा पहुंचे। मुकेश ने संविधान की प्रति को हाथ में लेकर कहा कि संविधान के अनुच्छेद 275 में स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि केंद्र से राज्यों को मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि तमाम मुश्किलों के बावजूद हिमाचल सरकार अपने प्रबंधन से कर्मचारियों को वेतन और पेंशन भी देगी। हिमाचल प्रदेश का अस्तित्व किसी के मिटाए नहीं मिटेगा। मुकेश ने नियम 102 के तहत आरडीजी की बहाली पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि भाजपा हिमाचल को पूर्ण राज्यत्व का दर्जा देने और इसे बनाने के खिलाफ थी। अब भाजपा की राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) पर चुप्पी भी रिकॉर्ड में और इतिहास के पन्नों में दर्ज होगी।
अग्निहोत्री ने कहा कि कितनी दूरदर्शिता से यह संविधान लिखा गया होगा, जिसमें यह बात थी कि राज्यों की मदद की जानी चाहिए। इसके लिए सब बाबा साहेब आंबेडकर के आभारी हैं। जयराम ने एक बार भी अफसोस जाहिर नहीं किया कि आरडीजी से हिमाचल को नुकसान हुआ है। उन्होंने विपक्ष की ओर इशारा कर पूछा – आपसे जानना चाहते हैं कि आरडीजी पर भाजपा का स्टैंड क्या है। मुकेश ने कहा कि जयराम ठाकुर यह बोल रहे हैं कि चुनाव की तैयारी करो, यही इनका स्टैंड है। जयराम दिल्ली के लिए पैसा रोकने जाते हैं। जल जीवन मिशन के 1227 करोड़ नहीं दिए जा रहे हैं। सेब पर आयात शुल्क से भी नुकसान हो रहा है। मुकेश ने कहा कि हिमाचल निर्माता डॉ. परमार की आत्मा भी इनको कोस रही होगी। अंग्रेजों ने भी इसे अंकित किया कि हिंदुस्तान इतना बड़ा है कि राज्यों की मदद करनी होगी। अब तो इनकी अपनी सरकार है।





