
Shimla : निगमों-बोर्डों में ताजपोशी, कर्ज और विधायक निधि पर मंगलवार को मंगलवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। मामले ने तूल उस समय पकड़ा, जब भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने आरडीजी पर चर्चा के दौरान सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि हवाई जहाज को ऐसे चलाया जा रहा है, जैसे साइकिल हो। एपीएमसी में नाै गाड़ियों की खरीद की गई। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि बोलने से पहले सोचें, जितना मैं सड़क से चलता हूं, उतना कोई नहीं। निगमों-बोर्डों में ताजपोशी, कर्ज और विधायक निधि पर मंगलवार को मंगलवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। मामले ने तूल उस समय पकड़ा, जब भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने आरडीजी पर चर्चा के दौरान सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि हवाई जहाज को ऐसे चलाया जा रहा है, जैसे साइकिल हो। एपीएमसी में नाै गाड़ियों की खरीद की गई। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि बोलने से पहले सोचें, जितना मैं सड़क से चलता हूं, उतना कोई नहीं।
लोन को लेकर भी मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के बीच तनातनी
विधानसभा में सरकार की ओर से लोन लिए जाने को लेकर मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के बीच तनातनी हुई। मामले ने उस समय जोर पकड़ा, जब नेता प्रतिपक्ष ने लोन को लेकर सारी हद पर करने की बात कही। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि पूर्व की भाजपा सरकार को जो आरडीजी मिली, वह आय-व्यय के अंतर को खत्म करने के लिए दी गई, लेकिन पूर्व की भाजपा सरकार ने कुछ नहीं किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीजी प्रदेश का हक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने 23 हजार करोड़ का लोन लिया, जबकि 26000 करोड़ का लोन वापस भी किया है। मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा ने 45,000 करोड़ का लोन लिया, लेकिन 36,000 करोड़ का लोन चुकाया। जबकि लोन के अलावा पूर्व की भाजपा सरकार को 70 हजार करोड़ अलग से मिले। सीएम ने कहा कि अगर पूर्व की सरकार चाहती तो वित्तीय अनुशासन लाते हुए लोन को कम कर सकती थी। जयराम ने कहा कि जब आरडीजी मिलती थी, तब भी यह लोग प्रधानमंत्री मोदी को अपशब्द कहते थे, अब बंद हुई तो भी उन्हें अपशब्द कह रहे हैं।
मैं पॉलिटिकल एडवाइजर था, मुझे 1.20 लाख मिलता था
उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि आरडीजी के रूप में उन्हें जो रुपये मिले, उससे उनकी सरकार ने पिछली सरकारों के लोन को चुकाया। उन्होंने कहा कि 2018 में उनकी सरकार ने 6485 करोड़ का लोन चुकाया। 2019 में 7499 करोड़, 2020 में 7438 करोड़ का लोन चुकाया गया है। 2021 में 7764 करोड़ और 2022 में 9090 करोड़ का लोन चुकाया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने कार्यकाल में 95 प्रतिशत लोन चुकता किया है, जबकि मौजूदा सरकार ने अपने तीन साल के कार्यकाल में 60 प्रतिशत ही लोन चुकता किया है। भाजपा विधायक त्रिलोक जमवाल ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री का पॉलिटिकल एडवाइजर था। मुझे 1.20 लाख मिलता था। इससे पहले मुख्यमंत्री ने त्रिलोक जमवाल को प्रिंसिपल सेक्रेटरी के बराबर तनख्वाह देने की बात कही थी।
अपने खर्चे सीमित करने होंगे, ऋण पर श्वेत पत्र जारी करें सीएम : धर्माणी
विधानसभा सत्र के दौरान नियम 102 के तहत संकल्प पर चर्चा के दौरान मंगलवार को तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि आरडीजी से नुकसान की भरपाई और भविष्य में संकट से बचने के लिए प्रदेश को जहां राजस्व बढ़ाना होगा, वहीं अपने खर्चे भी सीमित करने होंगे। तभी हम आने वाली पुश्तों के लिए बेहतर संपदा छोड़कर जा सकते हैं। धर्माणी ने कहा कि सरकार की ओर से लिए गए ऋण पर भी मुख्यमंत्री को श्वेतपत्र जारी करना चाहिए, जिससे प्रदेश के लोगों को पता लग सके कि सरकार ने जो ऋण लिया है, वह कहां खर्च किया है। केंद्र सरकार से हिमाचल के लिए मदद का संकल्प हम सभी को संयुक्त रूप से भेजा चाहिए, जिससे संदेश जाए कि प्रदेश हित के लिए हम सब एक हैं। कहा कि भाजपा के विधायक अगर हमारे साथ प्रधानमंत्री के पास नहीं जाना चाहते तो अपने स्तर पर अपने नेताओं के पास हिमाचल के हितों की पैरवी करे। धर्माणी ने कहा कि केंद्र सरकार ने भूटान, नेपाल, अफगानिस्तान, श्रीलंका, बंगलादेश सहित अन्य देशों को करोंडों की वित्तीय मदद कर रही है, वह ठीक है लेकिन हमारी अनदेखी न की जाए।
भाजपा विधायकों के कट जाएंगे टिकट : भवानी
विधायक भवानी सिंह पठानिया ने कहा कि आरडीजी के पक्ष में अगर भाजपा विधायक बोलेंगे तो उनके टिकट कट जाएंगे। आप लोग हमारे साथ दिल्ली चलो, अंदर मत जाना, बाहर तक ही चल पड़ो। केंद्र सरकार हिमाचल के प्रति बदलने की भावना से काम कर रही है। मनरेगा में बदलाव, ऋण सीमा में कटौती, आरडीजी बंद करने के बाद अब ट्रेड डील से प्रदेश के 22 विधानसभा क्षेत्रों के लाखों सेब बागवानों के हितों पर चोट की गई है। हिमाचल के प्रति केंद्र सरकार ने वित्तीय आतंकवाद का अभियान छेड़ दिया है।
बिक्रम की खर्चे घटाने की नसीहत, कर्ज पर बाली और राणा में नोंकझोंक
भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर ने कहा कि उप मुख्यमंत्री संविधान की प्रति लेकर आज सदन में पहुंच गए और तर्क दिया कि संविधान में आरडीजी का हवाला है, जबकि ऐसा कुछ नहीं। मुख्यमंत्री अपने चेयरमैन, एजी और हेलिकाप्टर के खर्चे कम करे तो हम भी सरकार का साथ देने के लिए तैयार हैं। प्रकाश राणा ने कहा कि भाजपा की सरकार ने 30 से 40 हजार करोड़ का कर्ज लिया, लेकिन कांग्रेस सरकार ने तो 60 से 70 हजार करोड़ का ऋण लिया है। क्या सरकार यह विश्वास दिलाएगी कि यदि आरडीजी बहाल होता है तो नया ऋण नहीं लिया जाएगा। इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायक रघुवीर सिंह बाली और प्रकाश राणा के बीच हल्की नोंकझोंक भी हो गई।





