कांग्रेस मे टिकट के लिए मारमारी, नित बदल रहे समीकरण


खबर अभी-अभी ब्यूरो
(बी.डी शर्मा (बिलासपुर
12 अक्टूबर 22
बिलासपुर जिले के सदर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी की लेकर नित नए समीकरण बदलते जा रहे हैं। गत 7 अक्टूबर को दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व की बैठक में जहां कुछ सीटों को हरी झंडी दी गई है वहीं बिलासपुर सदर की सीट पर पेच और गहराता जा रहा है। सूचनाओं को आधार माने तो सिर्फ 2 नामों को शार्टलिस्ट किया गया है जिसमे सुरेश चंदेल के नाम को हटा कर बम्बर ठाकुर व गौरव शर्मा को जगह मिली है। नाम न बताने की शर्त पर कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कांग्रेस की आंतरिक जानकारी देते हुए कहा है कि दावेदारी के बावजूद बम्बर ठाकुर कुछ शक्तिशाली बड़े नेताओं के विरोध स्वरूप कठिनाई में हैं और आला कमान तक उनके खिलाफ पंहुचाई सामग्री उनके रास्ते का रोड़ा बन रही है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा की गृह सीट को लेकर केंद्रीय समिति काफी गंभीर है और इस सीट पर जीत दर्ज कर भाजपा को राष्ट्रीय स्तर तक झटका देने की आंतरिक रणनीति के अनुसार गौरव शर्मा का नाम केवल मात्र इस सीट को होल्ड पर रखने के उद्देश्य से डाला गया है और इस सीट पर दोबारा से कुछ सम्भावित नेताओं को केंद्र में रख कर सर्वे करवाया जा रहा है।। इस कड़ी में अभी तक चुप बैठे पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष व राज्य प्रवक्ता अधिवक्ता तेजस्वी शर्मा, पूर्व विधायक तिलक राज, राजेन्द्र ठाकुर, संदीप सांख्यान के अलावा महिला सीट की संभावनाओं को भी तलाशा जा सकता है। सूत्रों की माने तो हाईकमान के पास पुख्ता सूचनाएं हैं कि टिकट के संभावित उम्मीदवारों में से कुछ आप पार्टी के संपर्क में भी हैं व टिकट ना मिलने परआप या भाजपा में भी जा सकते हैं, अतः हाईकमान इन बिंदुओं पर भी संजीदा है और कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहती। इसलिए आंतरिक फैसला लिया है कि सदर बिलासपुर की सीट का फैसला भाजपा व आप पार्टी के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद किया जाए।
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार बम्बर ठाकुर द्वारा उन्हें टिकट न देने की सूरत में जिला के दो बड़े नेताओं की सीटों पर दखल देकर उन्हें हरवाने की खुली धमकियों का भी हाई कमान ने कड़ा संज्ञान लिया है । कांग्रेस हाईकमान चाहती है कि किसी ऐसे न्यूटल व्यक्ति को सदर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा जाए जो क्षेत्र में पहचान रखने के साथ साथ अनुभवी और सबको साथ चलाने की क्षमता रखता हो।
अतीत की अगर बात करें तो भाजपा से सदा राम ठाकुर, जगत प्रकाश नड्डा, के बाद सुभाष ठाकुर ने यह सीट जीती और विधानसभा में सदर का प्रतिनिधित्व किया। वही कांग्रेस की ओर से बाबू राम गौतम, तिलक राज शर्मा और बंबर ठाकुर ने अपनी उपस्थिति विधानसभा में दर्ज करवाई थी । समीकरण यह भी दर्शा रहे हैं कि इस बार आम आदमी पार्टी भी इस चुनाव क्षेत्र में मत प्रतिशत बिगाड़ने वाली है। अभी तक भारतीय जनता पार्टी की ओर से जो चर्चाओं का बाजार गर्म है उसमें सुभाष ठाकुर के बाद सुभाष शर्मा और त्रिलोक जमवाल का नाम लिया जा रहा है। कांग्रेस से बम्बर ठाकुर, तिलकराज शर्मा , गौरव शर्मा, संदीप सांख्यान, राजेन्द्र ठाकुर , आशीष ठाकुर तथा भाजपा से सुभाष ठाकुर व त्रिलोक जम्वाल के नाम पिछले कुछ महीनों से निरंतर चर्चा में रहे हैं । सुभाष ठाकुर का टिकट मौजूदा विधायक रहते पक्का समझा जा रहा है परंतु त्रिलोक जमवाल भी गत पांच वर्षों से सक्रिय रहे हैं तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष के करीबी व संगठन में पकड़ के चलते उम्मीदवार उतारे जाते हैं तो इसमें कोई हैरानी नहीं होगी। अब यह तो भविष्य के गर्भ में है कि भाजपा और कांग्रेस किसे सदर से प्रत्याशी बनाती है और आम आदमी पार्टी का क्या रुझान रहता है परंतु जंग का रूप व स्वरूप निरंतर बदलता जा रहा है।।

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