कुल्लू में ज़िला स्तरीय एचआईवी-एड्स प्रशिक्षण आयोजित

कुल्लू-
जिला कुल्लू ढालपुर स्थित क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में ज़िला स्तरीय एचआईवी-एड्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणजीत ठाकुर के दिशानिर्देशानुसार क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में ज़िला स्तरीय एचआईवी-एड्स प्रशिक्षण में जिले के सभी स्वास्थ्य खंडों से आई सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ज़िला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार ने की।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि एचआईवी और एड्स दो अलग-अलग अवस्थाएं हैं। एचआईवी एक वायरस से होने वाला संक्रमण है, जो मुख्यतः चार कारणों—असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त चढ़ाने, संक्रमित सुई या सिरिंज के उपयोग तथा संक्रमित मां से शिशु में संक्रमण—से फैलता है। उन्होंने बताया कि एचआईवी संक्रमण के बाद एड्स की अवस्था तक पहुंचने में लगभग 10 से 12 वर्ष का समय लग सकता है, जिसके बाद इसके लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।
उन्होंने कहा कि एचआईवी का सबसे प्रभावी उपाय बचाव है। सुरक्षित व्यवहार अपनाकर और जागरूकता बढ़ाकर इस संक्रमण को रोका जा सकता है। इस अवसर पर जनशिक्षा एवं संप्रेषण अधिकारी निर्मला महंत ने एचआईवी-एड्स तथा HIV and AIDS (Prevention and Control) Act, 2017 के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करता है तथा उनके साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकने का प्रावधान करता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों को एचआईवी-एड्स संबंधी अद्यतन जानकारी प्रदान करना तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता और रोकथाम के प्रयासों को सुदृढ़ करना रहा।
कुल्लू ब्यूरो सुशांत शर्मा कि रिपोर्ट

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