#राजघराने से संबंध रखने वाले पूर्व जिला परिषद सदस्य हितेश्वर सिंह  उनके पिता पूर्व सांसद महेश्वर सिंह उनके पिता पूर्व सांसद महेश्वर सिंह से खबर आई थी कि भाजपा से बगावत कर हितेश्वर  नहीं लड़ेंगे  चुनाव *

#राजघराने से संबंध रखने वाले पूर्व जिला परिषद सदस्य हितेश्वर सिंह  उनके पिता पूर्व सांसद महेश्वर सिंह उनके पिता पूर्व सांसद महेश्वर सिंह से खबर आई थी कि भाजपा से बगावत कर हितेश्वर  नहीं लड़ेंगे  चुनाव *

प्रदेश के कुल्लू राजघराने से संबंध रखने वाले पूर्व जिला परिषद सदस्य हितेश्वर सिंह के चुनाव लड़ने को लेकर समीकरण पल-पल में बदल रहे हैं।

महेश्वर सिंह के बेटे हितेश्वर ।

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

 21 अक्टूबर 2022

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू राजघराने से संबंध रखने वाले पूर्व जिला परिषद सदस्य हितेश्वर सिंह के चुनाव लड़ने को लेकर समीकरण पल-पल में बदल रहे हैं। गुरुवार तक उनके पिता पूर्व सांसद महेश्वर सिंह के हवाले से खबर आई थी कि भाजपा से बगावत कर हितेश्वर चुनाव नहीं लड़ेंगे। अब उनके बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव लड़ने की खबर आ गई है। जानकारी के अनुसार हितेश्वर सिंह ने बंजार बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। उन्होंने दो टूक संदेश दिया कि चुनाव लड़ेंगे भी और जन समर्थन से जीतेंगे भी। हितेश्वर के इस एलान से कुल्लू में भाजपा पिता-पुत्र को लेकर असमंजस में है। पार्टी सूत्रों के अनुसार बुधवार को दिन भर कभी हां कभी न की स्थिति के बीच हितेश्वर ने हुरला में समर्थकों के साथ चुनाव लड़ने पर मंत्रणा की।
इसी दिन देर शाम हितेश्वर सिंह और विभा सिंह की सीएम जयराम ठाकुर से मंडी में आधा घंटा बैठक हुई थी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में कोई नतीजा न निकलने के बाद हितेश्वर सिंह के स्वर तल्ख हो गए। सूत्रों की मानें तो हितेश्वर दंपती कांग्रेस से आए आदित्य विक्रम सिंह को भाजपा में शामिल करने के पक्ष में नहीं थे। मंडी में सीएम के साथ हुई बैठक से हितेश्वर और विभा के बाहर निकलते ही आदित्य विक्रम सिंह को भाजपा में शामिल कर लिया गया। सूत्र बताते हैं कि हितेश्वर ने सीएम को आश्वासन दिया था कि वह पार्टी के सभी निर्देशों का पालन करेंगे, लेकिन आदित्य के आने से यह संभव नहीं हो पाएगा। मंडी से लौटते ही उन्होंने देर रात हुरला स्थित अपने आवास पर समर्थकों की एक और बैठक बुलाई। इसी कड़ी में वीरवार सुबह विभा सिंह ने सैंज में फिर कार्यकर्ताओं की बैठक कर आगामी रणनीति पर मंथन किया। उधर, हितेश्वर सिंह ने बंजार की दुर्गम पंचायतों में जाकर रायशुमारी की जन समर्थन मांगा।

मेरा फैसला बंजार की जनता की सहमति पर है। बंजार विधानसभा क्षेत्र में कड़ी मेहनत कर मैंने लोगों का भरोसा जीता है। अब हलके की जनता की भावना की अनदेखी नहीं कर सकता। उन्हे मझधार में छोड़कर नहीं जा सकता।
– हितेश्वर सिंह 

महेश्वर का टिकट को रोकने की भी थी चर्चा
बंजार विस क्षेत्र में महेश्वर सिंह और उनके बेटे हितेश्वर को लेकर चर्चाओं और कयासबाजी का बाजार गरमाया रहा। हितेश्वर सिंह के आजाद चुनाव लड़ने की स्थिति में कुल्लू सीट से उनके पिता महेश्वर सिंह को टिकट से वंचित रखने की भी बात उठी। हालांकि, दोपहर बाद स्थिति साफ हो गई। भाजपा प्रत्याशियों की दूसरी सूची में महेश्वर सिंह का नाम आने से समीकरण बदल गए है और कुल्लू में पार्टी समेत राजघराने के समर्थकों ने राहत की सांस ली।

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

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