
सोलन के कथित बेनामी संपत्ति से जुड़े चेस्टर हिल मामले में अब पूर्व मुख्य सचिव एवं रेरा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने मुख्य सचिव संजय गुप्ता को घेरा है। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव ने सोलन के उपायुक्त को एसडीएम की रिपोर्ट पर कार्रवाई न करने के अवैध आदेश पारित किए।
बाल्दी ने कहा कि मुख्य सचिव ने चेस्टर हिल प्रोजेक्ट में अनधिकृत निर्माण गिराने के आदेश रद्द करने के भी अवैध आदेश दिए। नगर निगम सोलन के कमिश्नर को भी धमकी दी कि उनके आचरण को गंभीरता से लिया है और इससे अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। बाल्दी ने कहा कि यह सत्ता के घोर दुरुपयोग व मनमाने इस्तेमाल का एक चरम उदाहरण है।
उन्होंने कहा, अभी बाहर हूं और शिमला आकर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मुख्य सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग करूंगा। डीसी को धारा 118 के उल्लंघन पर कार्रवाई करनी चाहिए। मुझे सोशल मीडिया से मालूम हुआ है कि मुख्य सचिव ने रेरा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अध्यक्ष की ओर से की कार्रवाइयों का ब्योरा मांगा है।
नगर निगम आयुक्त के विध्वंस आदेश के खिलाफ अपील जिला न्यायाधीश से होती है, न कि सचिव नगर नियोजन के पास। बाल्दी के अनुसार गुप्ता ने प्रमोटर को धारा 118 के तहत आवंटियों को फ्लैट बेचने के लिए अनुमति की जरूरत न होने पर भी राहत दी है, जो एसीएस राजस्व ही कर सकते हैं। डीसी को कार्रवाई करनी चाहिए। सरकार को अवैध आदेश रद्द करने चाहिए, जिससे आयुक्त अनधिकृत निर्माण गिरा सकें।
धारा 118 के उल्लंघन पर कार्रवाई करें डीसी सोलन
बाल्दी ने कहा कि विवाद मुख्य सचिव के चेस्टर हिल प्रोजेक्ट्स पर पारित दो आदेशों से हुआ। एसडीएम सोलन ने जांच में धारा 118 का उल्लंघन पाया। इस पर डीसी को कार्रवाई करनी थी। गुप्ता ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर आदेश पारित किए कि एसडीएम की रिपोर्ट कानून का उल्लंघन है और डीसी की कार्रवाई किसानों के हितों के खिलाफ है। एसीएस राजस्व के पत्र के अनुसार सरकार ने इस आदेश को रद्द किया है। बाल्दी ने कहा कि डीसी को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए
डीसी कार्रवाई कर रहे- गुप्ता
सीएस गुप्ता ने कहा कि डीसी कार्रवाई कर रहे हैं। बाल्दी के शिमला आकर सीएम सुक्खू से शिकायत करने की बात पर गुप्ता ने कहा कि वह बात करें। गुप्ता ने माना कि उन्होंने रेरा अध्यक्ष को पत्र लिखकर ब्योरा मांगा है। उन्होंने पूछा कि बाल्दी को पता कैसे लगा। सोशल मीडिया से लगा तो वह कार्रवाई करवाएं।
कसौली और परवाणू में खरीदी गई संपत्तियों की भी होगी जांच
चेस्टर हिल में हुई धांधलियों के आरोपों के बाद अब सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने चेस्टर हिल के बिल्डरों के कसौली और परवाणू स्थित फ्लैट और जमीनों का रिकॉर्ड भी तलब कर लिया है। तहसीलदार से इनका रिकॉर्ड मांगा है। यहां पर कितने फ्लैट बनाए गए हैं और कितनी जमीन बिल्डरों ने खरीदी है, उसकी जांच शुरू कर दी है। धारा 118 के उल्लंघन को लेकर भी तीनों जगह पर एक साथ जांच चलेगी।
बताया जा रहा है कि इन तीनों जगह कई बीघा जमीन खरीदी गई है और करोड़ों के फ्लैट यहां बनाए गए हैं। ऐसे में अगर इन जगहों से संबंधित आरोप तय होते हैं और धारा 118 के उल्लंघन का मामला आता है, तो यह जमीन सरकार के निहित हो जाएगी। गौरतलब है कि अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व के आदेशों के बाद सोलन के उपायुक्त ने शुरुआती तौर पर एक कृषक दंपती समेत दो बिल्डरों को नोटिस जारी कर अदालत में पेश होने के लिए कहा है। 23 अप्रैल को उनकी सुनवाई उपायुक्त की अदालत में होगी।
इसमें साबित करना होगा कि उन्होंने धारा 118 के तहत जमीन की खरीद की है। वहीं अन्य जगहों का रिकॉर्ड भी तलब कर लिया है। इन दो जगह किसके नाम से जमीन खरीदी गई है, इसका पता लगना अभी बाकी है।
तीन जगह हुई खरीद का रिकॉर्ड किया तलब
चेस्टर हिल बिल्डरों ने सोलन के साथ-साथ जिले के परवाणू और कसौली में भी फ्लैट बनाने के लिए जमीन खरीदी है। इन जगहों का रिकॉर्ड भी तलब किया है। देखेंगे कि जमीन खरीद में यहां धारा 118 का उल्लंघन हुआ है या नहीं। उल्लंघन पाया गया तो इन सभी जगह को जब्त कर सरकार के निहित कर दिया जाएगा। -मनमोहन शर्मा, उपायुक्त सोलन





