CM ने केंद्रीय वित्त मंत्री को प्रदेश के बागबानों की चिंताओं से करवाया अवगत, जानिए…

नई दिल्ली । सीएम सुक्खू ने केंद्र सरकार से ऑफ-सीजन में विदेशी सेबों की डंपिंग रोकने के लिए आयात शुल्क को बढ़ाकर शत प्रतिशत करने तथा सेब आयात पर मात्रात्मक प्रतिबंध (क्वांटिटेटिव रिस्ट्रिक्शन) लगाने का भी आग्रह किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष प्रदेश के सेब उत्पादकों के हितों की पुरजोर वकालत की। उन्होंने बागबानों की समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने विदेशी सेबों के बढ़ते आयात से राज्य के सेब उत्पादकों को हो रही भारी क्षति से केंद्रीय वित्त मंत्री को अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने लगभग 2.5 लाख सेब उत्पादकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए सेब को ‘विशेष श्रेणी’ में शामिल करने की मांग की, ताकि प्रदेश के किसानों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा से संरक्षण मिल सके। उन्होंने हिमाचल में सेब उत्पादन के जुलाई से नवंबर तक की अवधि के दौरान सेब आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि प्रदेश के बागबानों का एक प्रतिनिधिमंडल गत मंगलवार को उनसे मिला तथा न्यूजीलैंड के सेब पर आयात शुल्क को घटाने से प्रदेश के सेब उत्पादकों को हो रहे नुकसान के संबंध में चिंता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेब राज्य के रूप में प्रसिद्ध हिमाचल प्रदेश में सेब उत्पादन से हर वर्ष लगभग 4,500 करोड़ रुपए की आय होती है, जो राज्य के कुल फल उत्पादन का करीब 80 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि सेब उत्पादन से 2.5 लाख परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है और इससे लगभग 10 लाख मानव-दिवस सृजित होते हैं।

ऑफ-सीजन व्यापार हो रहा प्रभावित

मुख्यमंत्री ने कहा कि अप्रैल से अगस्त के दौरान न्यूजीलैंड के सेब पर 25 प्रतिशत शुल्क छूट के कारण कोल्ड स्टोरेज में रखे गए हिमाचल के सेब के दाम गिर रहे हैं, जिससे ऑफ-सीजन व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। राज्य सरकार छोटे किसानों एवं बागबानों की आजीविका के स्रोत को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है।

भाजपा नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाए

नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने हिमाचल के भाजपा नेतृत्व की चुप्पी पर भी सवाल उठाए तथा उनसे आग्रह किया कि प्रदेश हित तथा सेब उत्पादकों के मुद्दों को केन्द्रीय नेतृत्व के समक्ष उठाएं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार तथा सचिव राकेश कंवर उपस्थित थे।

आयुष्मान योजना में फंडिंग फार्मूला बदले केंद्र सरकार

दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से भेंट की। उन्होंने स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास से जुड़ी परियोजनाओं सहित आयुष्मान भारत योजना में केंद्रीय सहयोग का आग्रह किया। सीएम ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना केंद्र सरकार की है और केंद्र से ज्यादा पैसा राज्य का लग रहा है। राज्य सरकार ने आयुष्मान से बचे लोगों के लिए हिमकेयर योजना चला रखी है, लेकिन पैसा आयुष्मान में देना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना का फंडिंग फार्मेट राज्यों के हित में नहीं है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से प्रदेश से जुड़ी परियोजनाओं से संबंधित मुद्दों को सुलझाने व प्रदेश के विकास में सहयोग का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत केंद्रीय मंत्री से विस्तृत चर्चा की। जेपी नड्डा ने हिमाचल को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

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