
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
12 सितंबर 202

जी-20 शिखर सम्मेलन की शानदार मेजबानी और नई दिल्ली लीडर्स डिक्लेरेशन (एनडीएलडी) को सर्वसम्मति के साथ स्वीकारे जाने के लिए भारत और पीएम मोदी के नेतृत्व की दुनियाभर में तारीफ हो रही है। ज्यादातर वैश्विक मीडिया घरानों ने वैश्विक दक्षिण की आवाज के रूप में भारत के बढ़ते दबदबे की तारीफ की है। दुनियाभर में जी-20 सुर्खियों में रहा।
मशहूर अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट ने वैश्विक चिंताओं को दूर करने और सभी विकासात्मक और भू-राजनीतिक मुद्दों पर 100 फीसदी सहमति हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए लीड स्टोरी के शीर्षक में लिखा, भारत ने जी-20 शिखर सम्मेलन में विभाजित विश्व शक्तियों के बीच समझौता कराया, पीएम मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत।
अमेरिका ने जी-20 शिखर सम्मेलन को बताया पूरी तरह सफल
अमेरिका ने भारत की अध्यक्षता में रविवार को संपन्न जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन को पूरी तरह सफल बताया है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा मानना है कि यह एक बड़ी सफलता है। जी-20 एक बड़ा संगठन है। रूस और चीन इसके सदस्य हैं। दरअसल, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मिलर से सवाल किया गया कि क्या जी-20 शिखर सम्मेलन सफल रहा। वहीं, नई दिल्ली घोषणापत्र से रूस की गैरमौजूदगी के बारे में उन्होंने कहा, सदस्य देशों के विभिन्न प्रकार के विचार हैं। हम इस तथ्य पर विश्वास करते हैं कि संगठन एक बयान जारी करने में सक्षम रहा, जो क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करने का आह्वान करता है। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण बयान है क्योंकि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के मूल में यही है।
अमेरिका ने भारत की अध्यक्षता में रविवार को संपन्न जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन को पूरी तरह सफल बताया है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा मानना है कि यह एक बड़ी सफलता है। जी-20 एक बड़ा संगठन है। रूस और चीन इसके सदस्य हैं। दरअसल, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मिलर से सवाल किया गया कि क्या जी-20 शिखर सम्मेलन सफल रहा। वहीं, नई दिल्ली घोषणापत्र से रूस की गैरमौजूदगी के बारे में उन्होंने कहा, सदस्य देशों के विभिन्न प्रकार के विचार हैं। हम इस तथ्य पर विश्वास करते हैं कि संगठन एक बयान जारी करने में सक्षम रहा, जो क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करने का आह्वान करता है। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण बयान है क्योंकि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के मूल में यही है।
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