Himachal: गांव पहुंचीं रेणुका ठाकुर, बोलीं- मां से मिली कड़ी मेहनत की प्रेरणा… चाचा ने राह दिखा बढ़ाया हौसला

आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप जीतने के बाद भारतीय टीम की तेज गेंदबाज रेणुका ठाकुर अपने गृह क्षेत्र रोहडू पहुंचीं तो लोगों ने उन्हें पलकों पर बिठा लिया। रेणुका ने कहा कि मां से कड़ी मेहनत की प्रेरणा मिली। चाचा भूपिंद्र ठाकुर ने राह दिखाई और हौसला बढ़ाया। कहा कि मेहनत की कभी हार नहीं होती। विश्व कप जीतने के बाद लड़कियों की रुचि क्रिकेट में और बढ़ेगी। आने वाले विश्व कप के लिए भी अभी से प्रयास शुरू हो गए हैं।

हाटकोटी मंदिर में पूजा-अर्चना की
अपने घर पारसा पहुंचने से पहले रेणुका ने हाटकोटी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद लोगों ने घर तक जगह-जगह ढोल नगाड़ों, फूल मालाएं पहनाकर और कंधों पर उठाकर उनका स्वागत किया। रोहडू में विधायक मोहन लाल ब्राक्टा और प्रशासन ने उन्हें सम्मानित किया। रेणुका ठाकुर के घर पर धाम का भी आयोजन किया गया। रेणुका ने कहा कि प्रतियोगिता के दौरान लगातार तनाव बना रहता है।

पीएम से मुलाकात करके गर्व महसूस कर रही हूं: रेणुका
इस तनाव को दूर करने क लिए ड्रेसिंग रूम में पहले से हंसी-खुशी का माहौल तैयार किया जाता है। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए परिवार के सहयोग के साथ दिन-रात कड़ी मेहनत की जरूरत रहती है। रेणुका ने कहा कि विश्व कप जीतने के बाद सबसे पहले हिमाचल सरकार ने उनके लिए ईनामी राशि देने की घोषणा की। इसके बाद टीम के सभी खिलाड़ियों से बधाई भी मिली। पीएम से मुलाकात करके गर्व महसूस कर रही हूं। रेणुका ने कहा कि सरकार समय पर प्रतिभा को पहचाने और उसे मंच प्रदान करे तो हर युवा इस मुकाम तक पहुंच सकता है।

विधायक और प्रशासन ने किया सम्मानित, घर पर धाम का आयोजन
रेणुका ठाकुर चंडीगढ़ से सुबह 7:00 बजे टैक्सी में घर के लिए निकलीं। करीब 2:00 बजे रेणुका हाटकोटी मंदिर पहुंचीं। वहां मां सुनीता ठाकुर, भाई विनोद ठाकुर और भाभी के साथ पूजा की। पूजा के बाद लोगों ने रेणुका के साथ सेल्फी ली। रेणुका मंदिर में करीब एक घंटा रुकीं। इसके बाद महेंदली में सवर्ण समाज की ओर से ढोल-नगाड़ों के साथ रेणुका का जोरदार स्वागत किया गया। महेंदली में रेणुका को कंधों पर उठाकर जश्न मनाया गया। फिर वह रोहडू पहुंची। विधायक मोहन लाल ब्राक्टा और प्रशासन की ओर से एसडीएम धर्मेश रमोत्रा ने रेणुका और उनके परिवार को सम्मानित किया। कार्यक्रम में रेणुका ठाकुर ने कहा कि जब वह पहले परिचय देते समय पारसा गांव का नाम बोलती थीं तो लोग पेरिस समझते थे। आज पूरे देश में पासा का नाम सुनकर गर्व होता है। चाचा ने प्रतिभा को नहीं पहचाना होता तो आज इस मुकाम पर नहीं होती। विधायक ने कहा कि रेणुका के साथ मुख्यमंत्री जल्द मुलाकात करेंगे। रेणुका करीब 4:00 बजे पारसा के लिए रवाना हुई। गांव में धाम का आयोजन किया गया था।

मां बोलीं-बेटी रेणुका ने बढ़ाया मान, पिता का सपना किया साकार
रोहडू। रेणुका ठाकुर की माता सुनीता ठाकुर ने कहा कि बेटी ने गांव से लेकर प्रदेश और देश का नाम ऊंचा किया है। आज उसके पिता भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन कड़ी मेहनत, रिश्तेदारों, परिवार के सहयोग और क्षेत्र के लोगों की दुआ से बेटी ने उनके सपने को साकार किया है। रेणुका सिंह के पिता केहर सिंह का उस समय निधन हो गया था, जब वह रेणुका दो साल की थी। अभी रेणुका देवी-देवताओं का आशीर्वाद लेने यहां पहुंची हैं। सोमवार को उसकी वापसी का कार्यक्रम है। चाचा भूपिंद्र ठाकुर ने बताया कि जब भी रेणुका को कोई परेशानी होती थी तो वह सीधी बात करती थी।

Share the news