Himachal: हाईकोर्ट ने कहा, 2007 से पहले नियुक्त पीटीए शिक्षक ही पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पीटीए शिक्षकों की पुनर्नियुक्ति से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने फैसले में स्पष्ट किया कि केवल वही शिक्षक सरकार की पुनर्नियुक्ति नीति के लिए पात्र हैं, जिनकी नियुक्ति 30 दिसंबर 2007 या उससे पहले हुई थी। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने स्पष्ट किया कि नियुक्ति की तिथि उस दिन से मानी जाती है जिस दिन कर्मचारी सेवा में शामिल होता है, न कि उस दिन से जब भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई हो। याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की थी कि उन्हें राजनीति शास्त्र के लेक्चरर (पीटीए) के पद पर पुनर्नियुक्ति दी जाए।

उन्होंने बताया कि कॉलेज में भर्ती के लिए विज्ञापन सितंबर 2007 में निकाला था। साक्षात्कार अक्तूबर 2007 में हुए। पहले स्थान पर रहे उम्मीदवार के इस्तीफे के बाद याचिकाकर्ता को 1 दिसंबर 2008 को नियुक्ति पत्र जारी किया गया। दिसंबर 2009 में नियमित लेक्चरर के आने पर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया कि चूंकि भर्ती प्रक्रिया 2007 में शुरू हो गई थी, इसलिए उन्हें 30 दिसंबर 2007 से नियुक्त माना जाए। अदालत ने इस तर्क को खारिज कर कहा कि सरकार की पॉलिसी के मुताबिक पुनर्नियुक्ति का लाभ केवल उन पीटीए शिक्षकों को मिलना था जो 30 दिसंबर 2007 तक नियुक्त हो चुके थे। चूंकि याचिकाकर्ता ने दिसंबर 2008 में कार्यभार संभाला था, इसलिए वह नीति के तहत लाभ के पात्र नहीं पाए गए।

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