Himachal News: सेब के साथ गुठलीदार फल भी खरीदेगा अदाणी एग्रो फ्रेश लिमिटेड

हिमाचल प्रदेश के बागवानों से इस साल अदाणी एग्रो फ्रेश लिमिटेड गुठलीदार फलों की खरीद करेगा। शिमला के जरोल-टिक्कर में स्थापित चेरी हाइड्रो कूलिंग प्लांट के साथ अदाणी ग्रेडिंग-पैकेजिंग मशीन स्थापित करेगा। अदाणी कूल चेन ट्रांसपोर्टेशन के माध्यम से हिमाचल की चेरी और अन्य स्टोन फ्रूट को हैदराबाद, बंगलूरू और चेन्नई सहित अन्य शहरों पर बिल्कुल ताजा पहुंचाएगा। स्टोन फ्रूट ग्रोवर्स एसोसिएशन के सहयोग से अदाणी एग्रो फ्रेश आगामी अप्रैल में चेरी और खुमानी की नई किस्मों के तैयार होने के साथ यह सुविधा शुरू करेगा। प्रदेश के बागवानों को अपनी उपज बेचने के लिए जहां विकल्प मिलेगा, वहीं दिल्ली की आजादपुर फल मंडी पर निर्भरता भी खत्म होगी।
नेशनल स्टोन फ्रूट कानक्लेव में अदाणी एग्रो फ्रेश के प्रतिनिधियों ने स्टोन फ्रूट की खरीद का एलान किया था। कंपनी जरोल-टिक्कर में स्थापित हाइड्रो कूलिंग प्लांट के साथ ग्रेडिंग-पैकेजिंग मशीन स्थापित करेगी। कूल चेन के जरिये ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा मिलने से चेरी देश के बड़े राज्यों तक ताजा स्थिति में पहुंचेगी जिससे उत्पादकों को अच्छे दाम मिलेंगे।
– दीपक सिंघा, अध्यक्ष, स्टोन फ्रूट ग्रोवर्स एसोसिएशन

गुठलीदार फलों का सालाना 500 करोड़ का कारोबार
हिमाचल प्रदेश में गुठलीदार फलों का सालाना लगभग 500 करोड़ रुपये का कारोबार होता है, इसमें सबसे अधिक भाग चेरी का है। मुख्य रूप से शिमला, सोलन, कुल्लू और मंडी जिलों में लगभग 550 हेक्टेयर में चेरी की खेती होती है, जिसका 75 प्रतिशत से अधिक उत्पादन अकेले शिमला जिले में होता है। जलवायु परिवर्तन के कारण बड़े पैमाने में निचली ऊंचाई वाले क्षेत्रों के सेब उत्पादक गुठलीदार फलों की खेती अपना रहे हैं। ननखड़ी, नारकंडा, कोटगढ़-कुमारसेन, रामपुर, रोहड़ू और कोटखाई में स्टोन फ्रूट की बड़े स्तर पर खेती हो रही है।

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