
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर ने मंगलवार को राज्य सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश सरकार से महिलाओं के प्रति अपराधों की स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने विशेष रूप से यह प्रश्न उठाया कि राज्य में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत अब तक कितने मामले दर्ज किए गए हैं और कितनों में कार्रवाई या सजा हुई है। बैठक में मुख्य सचिव संजय गुप्ता, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने भी प्रदेश में महिलाओं के हित में चलाई जा रही योजनाओं के बारे में चर्चा की। रहाटकर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश के शांतिपूर्ण प्रदेशों में गिना जाता है। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग से गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं के टीकाकरण, प्रसव पूर्व व पश्चात जांच और पोषण योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने कहा कि कुपोषण और एनीमिया के मामलों पर भी विभाग को विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं तक स्वास्थ्य और सुरक्षा योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्करों को सशक्त बनाया जाए।
विद्या नेगी ने कहा कि आयोग लगातार जिलों में शिविर लगाकर महिलाओं की शिकायतें सुन रहा है। कई मामलों में सामाजिक दबाव के कारण महिलाएं खुलकर बात नहीं रख पातीं, इसलिए प्रशासन को ऐसी संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। अंत में मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और कल्याण योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू कर रही है।





