
हिमाचल प्रदेश में 40 में से 39 नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शुक्रवार को पंचायती राज विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। मंडी की एक पंचायत के गठन में अभी पेच फंसा हुआ है। अब पंचायतीराज विभाग की तरफ से इन पंचायतों का पुनर्सीमांकन किया जाना है। एक सप्ताह में इनकी सीमाएं तय की जाएंगी। उधर, राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव तीन चरणों में करवाने की तैयारी चल रही है।
अब कुल पंचायतों की संख्या बढ़कर 3,616 हुई
हिमाचल प्रदेश में 39 नई पंचायतें बनने के बाद अब कुल पंचायतों की संख्या बढ़कर 3,616 हो गई है। पहले यह संख्या 3,577 थी। हालांकि, पंचायतीराज विभाग के पास नई पंचायतों के गठन के लिए और भी आवेदन आ रहे हैं, लेकिन अब फिलहाल नई पंचायतें नहीं बनाई जाएंगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार राज्य सरकार को 31 मई से पहले चुनाव कराने हैं। उधर, राज्य निर्वाचन आयोग ने भी चुनाव करवाने की तैयारियां तेज कर दी हैं।
तीन अलग-अलग चरणों में हो सकते हैं चुनाव
पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव तीन अलग-अलग चरणों में करवाए जा सकते हैं। चुनाव में करीब 35 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जबकि प्रदेश भर में लगभग 22 हजार मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं, ताकि व्यवस्था समय पर पूरी की जा सकें। राज्य चुनाव आयोग की ओर से आयुक्तों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को गाइडलाइन भी जल्द जारी की जा रही है।
मतदान कर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे
इसमें नामांकन प्रक्रिया, मतदान समय, मतगणना व्यवस्था और अन्य स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। चुनाव के दौरान संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान भी की जा रही है। इसके अलावा मतदान कर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी करवाए जाएंगे। इस बारे में पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नई पंचायतों के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है।





