
हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2015 और 2020 में हुए पंचायत चुनाव में जो पंचायतें आरक्षित रहीं, उन्हें इस बार ओपन किया जा रहा है। शेष पंचायतों में चुनाव करवाने के लिए नया आरक्षण रोस्टर लागू किया जाएगा। पंचायतीराज विभाग का एक विंग इस पर काम कर रहा है। इसके बाद उपायुक्तों को इस फार्मूला पर रोस्टर जारी करने के निर्देश जारी होंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने भी पंचायतीराज विभाग को आरक्षण रोस्टर तैयार कर 31 मार्च तक उपलब्ध कराने को कहा है। आयोग का कहना है कि रोस्टर उपलब्ध होने के बाद ही चुनाव प्रक्रिया से संबंधित आगामी कार्रवाई को अंतिम रूप दिया जाएगा।
प्रधान पदों के लिए ऐसे होगा आरक्षण का निर्धारण
पंचायत प्रधान पदों के लिए आरक्षण का निर्धारण रोस्टर प्रणाली के आधार पर किया जाता है। इसमें महिला, अनुसूचित जाति और अन्य श्रेणियों के लिए सीटें निर्धारित की जाती हैं। जिन पंचायतों में पिछले दो कार्यकालों में आरक्षण लागू रहा है, उन्हें इस बार सामान्य श्रेणी में रखा जाएगा, ताकि आरक्षण का संतुलन बना रहे। प्रदेश में पंचायतों के पुनर्गठन और नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया भी जारी है। अब तक राज्य में 136 नई पंचायतों का गठन किया जा चुका है। नई पंचायतों के गठन के कारण कई मौजूदा पंचायतों की सीमाओं में भी बदलाव हुआ है, इसके चलते रोस्टर की प्रक्रिया को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है।
चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की देरी नहीं होगी
आयोग का मानना है कि समय पर रोस्टर उपलब्ध होने से चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की देरी नहीं होगी। उधर, प्रदेश में पंचायत चुनावों को समय पर करवाने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। रोस्टर फाइनल होने के बाद पंचायत चुनावों की अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्द सिंह ने कहा कि नई पंचायतों के गठन के साथ-साथ आरक्षण रोस्टर पर काम किया जा रहा है।
62 के लिए मांगे हैं आपत्ति और सुझाव
शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायतों की संख्या 3713 हो चुकी है। अभी 62 और नई पंचायतों को लेकर जनता से आपत्ति और सुझाव मांगे गए हैं। सरकार का दावा है कि अब हिमाचल में अब और पंचायतें गठित करने के लिए आवेदनों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नई पंचायतें बनने से और बैलेट पेपर की होगी छपाई
हिमाचल प्रदेश में नई पंचायतें बनने से अब और बैलेट पेपर की छपाई होगी। इसके साथ ही अतिरिक्त मतदाता बॉक्स का इंतजाम करना होगा। अतिरिक्त कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगेगी।





