Himachal: एंट्री टैक्स बैरियरों पर शुरू नहीं हुआ फास्टैग, पर्ची काटकर अवैध वसूली की शिकायतें बढ़ीं

हिमाचल प्रदेश के एंट्री टैक्स बैरियरों पर फास्टैग सुविधा शुरू नहीं होने से अव्यवस्था का फायदा उठाकर अवैध वसूली की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। खासकर हिमाचल नंबर के 12 प्लस एक सीटर टैक्सी वाहनों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली जा रही है। नियमों के अनुसार इन वाहनों के लिए 100 रुपये शुल्क तय है, वहीं बैरियरों पर कंप्यूटर से पर्ची काटकर 200 रुपये तक लिए जा रहे हैं। एंट्री टैक्स बैरियरों पर पारदर्शिता के लिए फास्टैग प्रणाली लागू करने की सरकार ने घोषणा की थी, जिससले नकद लेनदेन खत्म हो और ओवरचार्जिंग पर रोक लगे।

लेकिन प्रदेश के अधिकांश बैरियरों पर अभी तक यह व्यवस्था लागू नहीं हो पाई है, जिसका फायदा ठेकेदार उठा रहे हैं। बैरियरों पर दी जा रही पर्चियों में शुल्क का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, जिससे वाहन चालकों को वास्तविक दर की जानकारी नहीं मिल पा रही। कई मामलों में चालक विरोध भी करते हैं, लेकिन समय की कमी और विवाद से बचने के लिए मजबूरी में अधिक भुगतान करना पड़ता है। आबकारी नियमों में 12 जमा एक सीटर टैक्सी वाहनों के लिए 200 रुपये का कोई प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद दोगुना राशि वसूल कर नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। इससे न केवल वाहन चालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, बल्कि सरकार की छवि भी प्रभावित हो रही है।

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