Himachal : खण्ड परियोजना प्रबंधन इकाई कुल्लू द्वारा किसानों को बाजार-उन्मुख खेती का प्रशिक्षण

हिमाचल प्रदेश में संचालित फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (चरण-II) के अंतर्गत जायका-ओडीए की खण्ड परियोजना प्रबंधन इकाई कुल्लू द्वारा किसानों को बाजार-उन्मुख खेती के लिए प्रेरित करने हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कुल्लू जिला की तीन वहाव सिंचाई उप-परियोजनाओं—छरेहरा, अपर सेऊबाग एवं शालंग—से जुड़े 30 लाभार्थी किसानों को जायका के “शेप दृष्टिकोण” के तहत सब्जी मंडी भुंतर का भ्रमण करवाया गया।
इस मार्केट सर्वे कार्यक्रम में जिला परियोजना प्रबंधन इकाई मंडी से जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. हेम राज वर्मा तथा खण्ड परियोजना प्रबंधन इकाई कुल्लू से खण्ड परियोजना प्रबंधक डॉ. जयंत रतना उपस्थित रहे। डॉ. हेम राज वर्मा ने किसानों को बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को शेप कार्यक्रम की जानकारी देना तथा उन्हें बाजार-उन्मुख खेती के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि शेप का लक्ष्य किसानों को स्थानीय बाजार एवं एपीएमसी से जोड़कर खेती को अधिक लाभकारी बनाना है, ताकि बाजार की मांग के अनुसार फसल चयन कर लागत-लाभ का सही आकलन किया जा सके और सही समय पर सही बाजार में बिक्री कर कृषि आय बढ़ाई जा सके।
कार्यक्रम के दौरान ऑनलाईन माध्यम से राज्य परियोजना निदेशक, हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (चरण-II) जायका, डॉ. सुनील चौहान किसानों से जुड़े। उन्होंने किसानों को मार्केट सर्वे में भाग लेने के लिए धन्यवाद दिया तथा प्राकृतिक खेती को गृह वाटिका से शुरू करने का आह्वान किया, जिससे किसान अपनी दैनिक सब्जियों की आवश्यकता स्वयं पूरी कर सकें। उन्होंने किसानों से “उगाओ और बेचो” की बजाय “बेचने के लिए उगाओ” की सोच अपनाने की अपील की और कहा कि आज के समय में खेती तभी सफल हो सकती है, जब किसान बाजार की मांग को समझकर फसल उगाए।
एपीएमसी भुंतर भ्रमण के दौरान किसानों को नीलामी प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों तथा विपणन व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी गई। किसानों ने वर्तमान बाजार स्थिति का आकलन करते हुए आगामी सीजन के लिए अधिक लाभकारी फसलों के चयन हेतु मार्केट सर्वे फॉर्म भी भरे। इस दौरान उन्हें यह भी समझाया गया कि स्थानीय बाजार और एपीएमसी से जुड़कर फसलों का बेहतर मूल्य कैसे प्राप्त किया जा सकता है।
डॉ. जयंत रतना ने किसानों से आग्रह किया कि वे फसल चयन के पश्चात शीघ्र ही अपना फसल कैलेंडर एवं फसल अनुसूची तैयार करें। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने फसलों के रख-रखाव, उचित ग्रेडिंग, पैकेजिंग एवं गुणवत्ता से संबंधित समस्याओं पर भी चर्चा की।
सब्जी मंडी भुंतर के व्यापारी मंडल के प्रधान निम्मे राम एवं सचिव सोहन लाल ने किसानों को मार्केट लिंकेज, फसलों की ग्रेडिंग एवं रख-रखाव के तरीकों की जानकारी दी। वहीं, लैब एश्योर मीनाक्षी चंदेल ने किसानों को ई-नाम ऑनलाइन पोर्टल के बारे में अवगत करवाया। किसानों ने बताया कि इस मार्केट सर्वे से उन्हें बाजार की मांग, फसल बिक्री के सही समय तथा उचित ग्रेडिंग की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई है, जिससे उन्हें अपनी फसलों का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। इस कार्यक्रम से महिला किसानों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. हेम राज वर्मा एवं डॉ. जयंत रतना ने सभी किसानों का धन्यवाद करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।
कुल्लू से सुशांत शर्मा

Share the news