
प्रदेशभर की पंचायतों में सरकार ने पानी का शुल्क वसूलने की तैयारी कर ली है। एपीएल परिवारों से 100 रुपये और बीपीएल से 25 रुपये महीने की दर से शुल्क वसूला जाएगा। सरकार की ओर से समय-समय पर संशोधित की जाने वाली दरों से शुल्क की वसूली होगी। ये शुल्क पंचायत की ओर लगाया जाएगा। अभी तक जल शक्ति विभाग की ओर से पानी की आपूर्ति पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता। हालांकि, शुल्क लगाने से पहले ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं होंगी।
इसमें ग्राम सभा में आने वाले सदस्यों में से एक को अध्यक्ष मानकर इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी और इसे पास करवाने का प्रयास किया जाएगा। पंचायतीराज विभाग के निदेशक की ओर से सभी जिला पंचायत अधिकारियों को पत्र भी भेज दिया है, साथ ही ग्राम सभाएं करने के आदेश भी दिए हैं। जिला पंचायत अधिकारी को पत्र मिलने के बाद पंचायतों को आदेश दे दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जल शक्ति विभाग की ओर से वर्तमान में पानी का आवंटन किया जाता है। विभाग की ओर से काफी समय पहले पेयजल पर निर्धारित की गई दरों से पानी दिया जाता था। इसके बाद मुफ्त में ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का वितरण करना शुरू किया, लेकिन अब फिर से अब पानी का शुल्क वसूला जाने के लिए प्लान बनाया है।
ई-ग्राम सभा स्वराज पोर्टल पर अपलोड होगा प्रस्ताव
ग्राम सभा में मुद्दा पारित होने के बाद ई-ग्राम सभा स्वराज पोर्टल पर प्रस्ताव को अपलोड किया जाएगा। इसके लिए खंड विकास अधिकारियों को आदेश भी जारी किए हैं। पंचायतीराज विभाग ने अधिकारियों को ये आदेश अत्यंत जरूरी मानने के लिए कहा है और ग्राम सभा बैठक के तुरंत बाद विभाग को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भी कहा है। साथ ही पैसे को जल शक्ति विभाग को हस्तांतरण करने के लिए भी कार्रवाई करने के लिए कहा है।
विभाग की ओर से सूचना पत्र भेजा गया है। इस पत्र को पंचायतों को आगामी कार्रवाई के लिए प्रेषित कर दिया है। आदेश दिए गए है कि आगामी दिनों में विशेष ग्राम सभाएं बुलाई जाए। फिलहाल, विभाग की ओर से लगभग दरें दी गई है। ग्राम सभाओं के बाद ही आगामी स्थिति का पता लग सकेगा। -जोगिंदर राणा, जिला पंचायत अधिकारी, सोलन





