Himachal : हिमाचल में आज से शीतकालीन स्कूल खुले, वीएसके पोर्टल पर लगेगी हाजिरी

हिमाचल प्रदेश में सर्दियों की छुट्टियों के बाद आज से सभी स्कूल खुल गए हैं। इसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी तैयारियां भी पूर्ण कर ली हैं। सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि पहले दिन से ही वीएसके पोर्टल पर शिक्षकों और विद्यार्थियों को हाजिरी लगाई जाए। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए भी कहा गया है। जानकारी के अनुसार सरकारी विद्यालयों में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने पिछले शिक्षा सत्र से एक नई पहल शुरू की है। निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों की भी ब्रांडिंग की जा रही है। मुख्याध्यापक समेत शिक्षक सोशल मीडिया, पंपलेट, स्लोगन समेत अन्य गतिविधियों से अभिभावकों को बच्चों का सरकारी स्कूलों में ही दाखिला करवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
उप जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा जिला सोलन राजकुमार पराशर ने बताया कि शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के आदेश जारी किए हैं। इसके तहत जिले के प्रत्येक स्कूल में अभिभावकों को प्रेरित करने के लिए विशेष मुहिम शुरू की जा रही है। स्कूल मुखियाओं को आदेश दिए हैं कि स्कूल की उपलब्धियों का ब्योरा तैयार कर उसे सोशल मीडिया, पंपलेट पर तैयार कर बच्चों को सरकारी स्कूलों में ही प्रवेश दिलाने के लिए प्रेरित करें। इसके अलावा स्कूल की टीमें गांवों में रैली निकाल और घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक करें। एमडीएम, पोषण आहार योजना, निशुल्क वर्दी, निशुल्क किताबें, बेहतरीन फर्नीचर, आधुनिक लैब, आईटी लैब समेत स्मार्ट कक्षाओं की भी जानकारी दे सकते हैं। उधर, शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा मोहिंद्र चंद पिरटा ने बताया कि निजी स्कूलों की ओर अभिभावकों का अधिक झुकाव होने से सरकारी स्कूलों से उनका मोह भंग होता है, लेकिन सरकारी स्कूलों का स्टाफ विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए कार्य करता है। ऐसे में सभी अभिभावकों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलवाना चाहिए।

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने नई दिल्ली स्थित हिमाचल सदन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को बोर्ड की भावी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री को बोर्ड की ओर से हाल ही में शुरू किए गए नवाचारों और प्रशासनिक सुधारों से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं को और अधिक पारदर्शी बनाने, मूल्यांकन प्रक्रिया को सटीक करने और परिणामों को समयबद्ध घोषित करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बोर्ड अध्यक्ष को निर्देशित किया कि सूचना प्रौद्योगिकी के इस दौर में बोर्ड की सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और यूजर-फ्रेंडली बनाया जाए। दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों को प्रमाण पत्र, माइग्रेशन या अन्य सुधारों के लिए धर्मशाला मुख्यालय के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार अनिवार्य है। बोर्ड अध्यक्ष ने आश्वस्त किया कि बोर्ड जल्द ही कई सेवाओं को एक क्लिक पर उपलब्ध करवाने जा रहा है।

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