HP High Court: न्याय प्रणाली में अस्थायी नियुक्तियों पर अफसरों को फटकार, जानें हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने क्या

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने न्याय प्रणाली में अस्थायी नियुक्तियों पर जिम्मेदार अफसरों को कड़ी फटकार लगाई है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त जिला अदालतों और सिविल जज के पांच नए न्यायालयों की स्थापना से संबंधित 30 अक्तूबर की अधिसूचना में नियुक्तियों के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने कहा कि कानून के तहत प्रदान किए गए संप्रभु कार्य अस्थायी आधार पर नहीं चलाए जा सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि जिम्मेदारी केवल नियमित कर्मचारियों पर तय की जा सकती है न कि अनुबंध कर्मचारियों पर।

अदालत ने कहा कि सरकार से संबंधित सूचना में आवश्यक संशोधन की अपेक्षा है। प्रस्तावित न्यायालयों के लिए जरूरी सहायक स्टाफ, ड्राइवर, चपरासी आदि को दैनिक वेतन के आधार पर नियुक्त किया जा रहा है, जबकि चौकीदार और सफाई कर्मचारी आउटसोर्स पर नियुक्त किए जा रहे हैं। इसी प्रकार, नाजिर और टाइपिस्ट को अनुबंध आधार पर नियुक्त करने की योजना है। हाईकोर्ट ने कहा कि ये नियुक्ति प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय के आदेशों के विपरीत है और इसे आपराधिक अवमानना के समान माना जाएगा। कोर्ट ने कहा कि उच्च न्यायालय पहले ही निर्णय ले चुका है कि उसके सभी कर्मचारियों की नियुक्ति केवल नियमित आधार पर ही होगी। यह अपेक्षा की जाती है कि राज्य सरकार जिला स्तर पर भी समान विचार लागू करे।

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