
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज चुनाव के चलते 1 अप्रैल तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं के वोट बनेंगे। इसके साथ ही प्रदेश की 392 पंचायतों में नई मतदाता सूचियां तैयार की जाएंगी, जबकि अन्य पंचायतों में विशेष पुनरीक्षण (स्पेशल रिवीजन) के माध्यम से मतदाता सूची को अपडेट किया जाएगा। प्रदेश में हाल ही में 64 पंचायतों के वार्डों के परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचन आयोग मतदाता सूचियों पर काम शुरू कर देगा। राज्य निर्वाचन आयोग से 22 मार्च से आगामी प्रक्रिया शुरू करने पर विचार कर रहा है चूंकि उपायुक्त कार्यालय नई पंचायतों के परिसीमन पर काम कर रहा है। 20 मार्च तक काम निपटाने को कहा गया है।
राज्य निर्वाचन आयोग के पास अप्रैल महीने बचा है। चूंकि मई में चुनाव कराए जाने है। एक महीने के भीतर मतदाता सूची तैयार करने, उसके प्रकाशन, आपत्तियां आमंत्रित करने और उनके निपटान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके साथ ही चुनाव से संबंधित अन्य औपचारिकताएं भी इसी अवधि में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि समय रहते चुनाव अधिसूचना जारी की जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, विशेष पुनरीक्षण के तहत उन पंचायतों में काम किया जाएगा जहां वार्डों में बड़े बदलाव नहीं हुए हैं।
वहां पहले से मौजूद मतदाता सूची को आधार मानते हुए नए मतदाताओं को जोड़ा जाएगा और मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे। इस प्रक्रिया में बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। राज्य निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि सभी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी कर ली जाएं, ताकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार तय समय सीमा के भीतर पंचायत चुनाव कराए जा सकें। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर ने कहा कि वार्डों के परिसीमन का काम खत्म होने के बाद मतदाता सूचियों पर काम होगा। प्रभावित और नई पंचायतों में नए सिरे से मतदाता सूचियां बनेगी जबकि जो पंचायतें प्रभावित नहीं हुई हैं, वहां विशेष पुनरीक्षण किया जाएगा।





