
खबर अभी अभी ब्यूरो
झारखंड पुलिस के लिए कदम कदम पर चुनौती पेश करने वाला कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। आज सुबह पलामू के चैनपुर के अंधारी ढोडा में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने उसे मार डालने का दावा किया है। अमन साहू को रांची पुलिस की टीम पूछताछ के लिए रायपुर से रांची ला रही थी। तभी पुलिस की गाड़ी पलामू के चैनपुर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दुर्घटना के बाद मुठभेड़ शुरू हो गई और साहू मारा गया।
पुलिस ने हाल ही में अमन साहू को रिमांड पर लिया था। रायपुर से रांची लाने के दौरान पुलिस की गाड़ी पलामू के चैनपुर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसी दौरान मौके का फायदा उठाकर अमन साहू ने पुलिस का हथियार छीन कर भागने की कोशिश की। पुलिस ने जब उसे रोकने की कोशिश की तो उसने पुलिस पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। पुलिस की टीम ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें अमन साहू को कई गोलियां लगीं। घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। अभी तक इस घटना की कोई आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।
उल्लेखनीय है कि झारखंड में अमन साहू गिरोह का आतंक और उत्पात अन्य आपराधिक गिरोहों की तुलना में तेजी से बढ़ा था। तीन दिन पहले इसी गिरोह के अपराधियों ने रांची के बरियातू रोड में कोयला ट्रांसपोर्टर बिपिन मिश्रा पर फायरिंग की थी। अमन साहू रांची के छोटे से गांव मतबे का रहने वाला है। झारखंड में उसके ऊपर 100 से अधिक मामले दर्ज हैं। अमन साहू हार्डकोर माओवादी भी रहा है।
2013 में अमन ने अपना गैंग बनाया था। करीब ढाई साल पहले कोरबा में अमन साहू गैग के सदस्यों ने बरबरीक ग्रुप पर फायरिंग की थी। शहर के शंकर नगर इलाके में कंपनी के पार्टनर के घर के बाहर गोली चलाकर धमकी दी गई थी। आरोप है कि अमन साहू ने अपने कुछ शूटर रायपुर भेजे थे। उसकी हिट लिस्ट में शहर के कई कारोबारियों के नाम होने का भी दावा किया जाता था। इसके बाद रायपुर पुलिस ने इस गैंग के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
पिछले साल 13 जुलाई को रायपुर शहर के तेलीबांधा इलाके में एक बिल्डर के दफ्तर पर फायरिंग की गई थी। इस हमले का आरोप भी अमन साहू गैंग पर ही है। बताया जाता है कि गैंगेस्टर अमन साहू का फेसबुक अकाउंट अमन सिंह नाम का शख्स कनाडा से ऑपरेट करता था। वहीं, एक अकाउंट मलेशिया से सुनील राणा नाम का शख्स देखता है। अमन साहू खुद को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी बताता था। कहा जाता है कि अमन लॉरेंस बिश्नोई को गुर्गे सप्लाई किया करता था, उसे बदले में हाईटेक हथियार मिलते थे। अमन साहू के महंगे कपड़ों का भी शौक था।





