
खबर अभी अभी ब्यूरो
शिमला।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने ठियोग में आयोजित प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम को सुना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का मन की बात कार्यक्रम सबसे अधिक जानकारीपूर्ण कार्यक्रम है, जिसमें प्रधानमंत्री विभिन्न माध्यमों से भारत को जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के योगदान को सम्मान देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि राष्ट्रीय महिला दिवस पर वह अपने सोशल मीडिया अकाउंट पूरे भारत की प्रेरक महिलाओं को सौंप देंगे। इस पहल का उद्देश्य उन महिलाओं को एक मंच प्रदान करना है जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है, जिससे उन्हें अपनी यात्रा और अंतर्दृष्टि को बड़े दर्शकों के साथ साझा करने का मौका मिले। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को मनाया जाता है।
बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रंग-बिरंगी कुल्लुवी हिमाचली टोपी पहने तस्वीरें हिमाचल में लोगों का दिल जीत रही हैं और सभी वर्गों के लोग उनकी सराहना कर रहे हैं। कुछ दिन पूर्व फ्रांस की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात के दौरान कुल्लुवी टोपी पहने नजर आए थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को टोपी पहने देखकर हम सभी हिमाचली गर्व महसूस करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पहले भी कई बड़े कार्यक्रमों में हिमाचली टोपी पहनी है। उन्होंने अपने विदेश दौरों के दौरान अन्य देशों के प्रमुखों के लिए हिमाचली हस्तशिल्प को उपहार के रूप में चुना है। नब्बे के दशक में कई वर्षों तक हिमाचल भाजपा के प्रभारी रहने के कारण मोदी प्रदेश को अच्छी तरह जानते हैं। हिमाचल की यात्राओं के दौरान अपने भाषणों में वे मंडी के सेपू वड़ी जैसे पहाड़ी व्यंजनों के प्रति अपनी गहरी रुचि व्यक्त करते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर देते हुए कि कैसे भारत वैश्विक खेल महाशक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, हिमाचल प्रदेश के सावन बरवाल का नाम लिया जिन्होंने देशवासियों का दिल जीता। यह हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री ने भारत में वन्यजीवों का एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र है, भारत तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में अपनी पहचान बना रहा है और एक वैज्ञानिक के रूप में जीवन का अनुभव करने वाला एक दिन बिताना जैसे विषयों पर भी जोर दिया।
इसी प्रकार भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कटवाल और मीडिया प्रभारी करण नंदा ने चक्कर स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में मन की बात सुनी।
कटवाल ने कहा कि पूरे प्रदेश में प्रत्येक बूथ पर प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम को सुना गया है और ठियोग स्थित कार्यक्रम के चल चित्र पीएम की मन की बात कार्यक्रम में सीधा प्रसारित भी किए गए थे। हिमाचल और मन की बात का भी गहरा नाता हैं।
चंबा/धर्मशाला, भाजपा के नेता, पूर्व डिप्टी स्पीकर एवं विधायक हंस राज ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह ने अपने चंबा दौरे के दौरान केवल मात्र जनता को भटकने और गुमराह करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर विक्रमादित्य के पिता पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश में पहली बार ऋण ना लेते तो शायद हिमाचल प्रदेश में ऋण लेने की आवश्यकता ना पड़ती।
हंस राज ने कहा मुख्यमंत्री ने विधानसभा में खुद कहा कि 2022-2023 में आखिरी तिमाही यानी 15 दिसंबर 2022 से लेकर 31 मार्च 2023 तक 6897 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया। इसी प्रकार वित्त वर्ष 2023-24 में पहली अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक कुल 10521 करोड़ रुपए का लोन उठाया गया और फिर वित्त वर्ष 2024-25 में पहली अप्रैल 2024 से लेकर 31 जुलाई 2024 तक 3948 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया। तो अभी तक हिमाचल।प्रदेश मुख्यमंत्री के मुताबिक 21 जुलाई तक अपने कार्यकाल में 21366 करोड़ का ऋण के चुकी है और यूके बाद जो ऋण लिया गया उसका कुल जोड़ लगभग 30000 करोड़ पहुंच चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों व पेंशनरों को हर महीने वेतन-पेंशन का भुगतान करने के लिए 2300 करोड़ रुपये की आवश्यकता रहती है। इस भुगतान तो करने के लिए भी सरकार को ऋण लेना पड़ता है और सरकार खेती है कि उन्होंने अपनी आमदनी बढ़ा दी, सरकार की आमदनी बड़ी को नहीं पर प्रदेश में वित्तीय संकट बढ़ा ही है।
विक्रमादित्य सिंह को जनता के समक्ष प्रदेश में कांग्रेस सरकार द्वारा किए गए सकारात्मक कार्यों के बारे में बताना चाहिए पर वो बता नहीं पाते क्योंकि उन्होंने इस दिशा में कुछ किया ही नहीं है। जब से हिमाचल में कांग्रेस की सरकार आई है तब से प्रदेश में हो रहे विकास के सभी कार्यों पर पूर्ण रोक लग गई है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के सभी विभागों, निगमों और बोर्डों को 31 मार्च, 2022 से पहले स्वीकृत ऐसी योजनाओं का बजट लौटाना होगा, जिन पर अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। वित्त एवं योजना विभाग ने संज्ञान लेते हुए सभी प्रशासनिक सचिवों को इस बाबत पत्र जारी किए हैं। अप्रयुक्त स्वीकृत राशि ब्याज सहित लौटाने के निर्देश दिए हैं। योजनाएं शुरू करने में आईं अड़चने दूर होने पर योजना विभाग को दोबारा संशोधित मंजूरी लेने का प्रावधान भी किया गया है। विभागों की ओर से बैंकों में जमा निधियों की समीक्षा के बाद बजट का सही उपयोग करने के लिए यह फैसला लिया गया है। इस प्रकार के निर्णयों से साफ दिखता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार एक एक पैसे के लिए मोहताज हो रहा है।





