

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
15 नवंबर 2022
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा की सरकार को लेकर सख्त नजर आ रही है। मुनक नहर के मामले को लेकर कोर्ट ने दोनों सरकारों को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि सरकारें सियासत की जगह आम लोगों के लिए कदम उठाएं ताकि लोगों की मुश्किलों का हल हो सके। मुनक नहर के मुद्दे को लेकर सिर्फ मीटिंगें की जा रही हैं कोई हल नहीं निकाला जा रहा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सबसे ज्यादा जमीन पंजाब के हिस्से में आती हैं। पंजाब सरकार हरियाणा के सहारे न रहे वह अपना काम करें। पंजाब सरकार ने गंभीरता से कदम नहीं उठाया है। कोर्ट ने 4 सप्ताह के अंदर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। इस दौरान पंजाब सरकार की ओर से भी वकील पेश हुए।
इस दौरान भाजपा नेता हरजीत ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब सी.एम. मान को राजनीतिक यात्रा से फुर्सत मिले तो ही कुछ हो सकता है। उन्होंने कहा कि गांव के गांव तबाह हो रहे हैं। 25 गांव बाढ़ की मुश्किल से जूझ रहे हैं। इस मामले पर 3 महीने पहले भी सुनवाई हुई थी। फैसला हुआ था कि हर सप्ताह 4 बार मीटिंग होगी। उधर, आप विधायक बरिंदर गोयल का कहना है कि हरियाणा सरकार का उन्हें कभी भी सहयोग नहीं मिला है। वहीं हरियाणा सरकार का आरोप है कि पंजाब सरकार मुनक नहर के मामले को लेकर सीरियर नहीं दिख रही है।





