Shimla: पांच साल तक ड्यूटी से गायब रहीं जीव विज्ञान प्रवक्ता बर्खास्त, जांच में आरोप साबित

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के तीसा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नियुक्त जीव विज्ञान की प्रवक्ता अर्चना शर्मा को शिक्षा विभाग ने बर्खास्त कर दिया है। विभागीय जांच में बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और कर्तव्य में लापरवाही के आरोप सिद्ध होने के बाद स्कूल शिक्षा निदेशालय ने यह कार्रवाई की है। विभाग के अनुसार अर्चना शर्मा ने 06 सितंबर 2019 को तीसा स्कूल में बतौर प्रवक्ता (जीव विज्ञान) ज्वाइन किया था, लेकिन वह केवल तीन दिन ही स्कूल में ड्यूटी पर रहीं। इसके बाद लगातार अवकाश संबंधी आवेदन भेजे और फिर 8 नवंबर 2019 से बिना अनुमति के ड्यूटी से अनुपस्थित रहीं।
शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 16 अक्तूबर 2024 को केंद्रीय सेवा नियम 1965 के तहत आरोप पत्र जारी किया। जांच के दौरान प्रवक्ता को कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन उन्होंने न तो जांच में भाग लिया और न ही ड्यूटी ज्वाइन की। जांच अधिकारी ने तथ्यों के आधार पर एकतरफा (एक्स-पार्टी) जांच पूरी की और रिपोर्ट में बताया कि अधिकारी नोटिस के बावजूद पेश नहीं हुईं। इस कारण उनके खिलाफ लगाए आरोप पूरी तरह सिद्ध पाए गए। इसके बाद 18 दिसंबर 2025 को कारण बताओ नोटिस और जांच रिपोर्ट भेजी गई।

जवाब में मांगी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति
4 फरवरी 2026 को अर्चना शर्मा ने अपने जवाब में जांच रिपोर्ट पर कोई ठोस स्पष्टीकरण या साक्ष्य पेश नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) देने का अनुरोध किया। इस पर विभाग ने स्पष्ट किया कि जब किसी कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित हो, तो उसे वीआरएस का अधिकार नहीं होता। रिकॉर्ड के अनुसार अधिकारी ने स्कूल में ज्वाइन करने के बाद पांच साल से अधिक समय तक ड्यूटी नहीं की, जिससे तीसा स्कूल के छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई।

Share the news