
हिमाचल प्रदेश सरकार ने बीते 25 फरवरी को शिमला मंडल में पदोन्नत किए गए नायब तहसीलदारों(राजपत्रित) की तैनाती के आदेश जारी किए हैं। इसके तहत बलवंत सिंह को एसएनटी सर्कल सोलन-दो, रणजीत सिंह एसएनटी सर्कल ठाकुरद्वारा सिरमौर, स्वर्णा देवी तहसील कार्यालय जुब्बल, रेखा कार्यालय संभागीय आयुक्त शिमला (भूमि सुधार), सुरेंद्र सिंह हलोग उप तहसील देहा, हेमा नंद उप तहसील जलोग, संजीव शर्मा सतर्कता विभाग शिमला-2, जगत राम एसएनटी सर्कल सोलन-1, रविंद्र सिंह एसएनटी सर्कल वासनी सिरमौर, श्याम सिंह एसएनटी सर्कल नैना टिक्कर, बृज लाल तहसील कार्यालय टिक्कर, हरिंदर सिंह उप तहसील जांगला, सूरत राम उप तहसील नेरवा, शमशेर सिंह एसएनटी सर्कल वाकनाघाट व सेवा दास एसएनटी सर्कल दाड़लाघाट तैनात किया गया है। वहीं नायब तहसीलदार कृष्ण सिंह का तबादला,तत्काल प्रभाव से तहसील कार्यालय पूह में रिक्त पद पर किया गया है। पदोन्नत अधिकारियों को अपने नए तैनाती स्थल पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करने और तदनुसार उचित माध्यम से इस विभाग को अपनी कार्यभार ग्रहण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
उपमंडल मजिस्ट्रेट सरकाघाट के तबादले पर रोक, राज्य सरकार को नोटिस जारी
उधर, प्रदेश हाईकोर्ट ने जिला मंडी सरकाघाट के उपमंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) राजिंदर कुमार गौतम के 24 मार्च 2026 को जारी किए गए तबादला आदेश के क्रियान्वयन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि एसडीएम सरकाघाट अपने कर्तव्यों का पालन करना जारी रखेंगे। वहीं इस आदेश से प्रभावित होने वाले अन्य प्रतिवादी को उसी पद पर कार्य करने को कहा गया है जहां वे इस नए आदेश से पहले तैनात थे। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की एकल पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता ने बार-बार तबादलों का सामना करना पड़ रहा है, जो कि कानूनन न्यायसंगत नहीं है। मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि याचिकाकर्ता के साथ हो रहे बार-बार तबादलों के दावों को देखते हुए फिलहाल अंतरिम राहत दी गई है।





