
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के मालरोड पर अतिक्रमण हटाने को लेकर बुधवार को खूब हंगामा बरपा। गुस्साए कारोबारियों ने नगर निगम की गाड़ी रोक दी और इसमें बैठे एक मजदूर से हाथापाई तक कर डाली। बाद में जब्त किया सामान भी वापस निकाल लिया। नगर निगम की संपदा शाखा की टीम निरीक्षक रमेश ठाकुर की अगुवाई में दोपहर 2:30 बजे मालरोड पर अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। अभी नाज चौक तक अतिक्रमण करने पर तीन दुकानों का सामान ही जब्त किया था कि कारोबारी इकट्ठा हो गए।
मनमानी का आरोप लगाते हुए कारोबारियों ने नगर निगम की गाड़ी रोक ली। बहसबाजी के बाद कुछ कारोबारियों ने नगर निगम की गाड़ी में बैठे एक मजदूर को चांटें मार दिए। कुछ दुकानदारों ने गाड़ी में जब्त किया सामान जबरन इससे निकाल लिया। हंगामे की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत किया। कारोबारियों का आक्रोश देखकर नगर निगम टीम खाली हाथ लौट गई। कर्मचारी निगम आयुक्त और संयुक्त आयुक्त के पास पहुंचे और मामले की जानकारी दी। इसके बाद हाथापाई करने और सरकारी काम में बाधा डालने पर कारोबारियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दे दी है।
चेतावनी के बावजूद नहीं माने कारोबारी
नगर निगम तीन-चार दिन से कारोबारियों को अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दे रहा था। इसके बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटा तो बुधवार दोपहर को निगम टीम कार्रवाई के लिए फील्ड में उतर गई। टीम ने मालरोड सड़क पर रखे डम्मी, चप्पल, सजावट का सामान जब्त कर लिया। हालांकि इस पर कारोबारी भड़क गए और हंगामा कर दिया। नगर निगम की टीम इस बार बिना पुलिस के कार्रवाई के लिए पहुंची थी जिसके चलते विवाद बढ़ गया। बाद में पुलिस बुलानी पड़ी। इसके बाद मामला शांत हुआ। निगम के अनुसार हाईकोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। इसमें जिन कारोबारियों ने यह कार्रवाई रोकी है, उनके नाम अब कोर्ट में दिए जाएंगे। शहर के मालरोड पर कई जगह अवैध निर्माण भी हुआ है जिस पर निगम की वास्तुकार शाखा ने कोई कार्रवाई नहीं की है। अब इसी अवैध निर्माण पर सामान सजाया जा रहा है।
एफआईआर करवाई जा रही दर्ज
सरकारी कार्य में बाधा डालने और निगम कर्मचारियों के साथ हाथापाई तथा मारपीट करने के चलते पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है। शहर में अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।-भूपेंद्र अत्री, आयुक्त नगर निगम शिमला





