
शिमला।
जिला में राज्य आपदा न्यूनीकरण फंड के तहत उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में करीब 118 करोड़ रुपये के 5 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
इन प्रस्तावों में रामपुर वार्ड नंबर-1 के कल्याणपुर नाले के चैनलाइजेशन के लिए 3 करोड़ 21 लाख 34 हजार रुपये की डीपीआर तैयार की गई है। इसके अलावा सुन्नी-शिमला मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए 9 करोड़ 5 लाख रुपये, चौपाल के सैंज क्षेत्र में भूस्खलन प्रभावित सड़क के जीर्णोद्धार हेतु 10 करोड़ 42 लाख रुपये तथा खागना सड़क के भूस्खलन प्रभावित हिस्से के लिए 4 करोड़ 90 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
वहीं, शिमला शहर में विभिन्न आपदा प्रभावित क्षेत्रों में कार्यों के लिए 90 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि सभी प्रस्ताव राज्य आपदा न्यूनीकरण फंड की अंतिम मंजूरी के लिए भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रहा है तथा भविष्य में जोखिम को कम करने के लिए भी योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
बैठक में एडीएम प्रोटोकॉल ज्योति राणा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
क्या है राज्य आपदा न्यूनीकरण फंड?
राज्य आपदा न्यूनीकरण फंड का उद्देश्य प्राकृतिक और मानव जनित आपदाओं के प्रभाव को कम करना और पूर्व तैयारी को मजबूत बनाना है। इस फंड का उपयोग बाढ़, भूकंप, भूस्खलन, आग और बादल फटने जैसी आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए किया जाता है।
इसके तहत भूस्खलन रोकने के उपाय, नदियों के किनारे तटबंध निर्माण, जल निकासी व्यवस्था में सुधार और सुरक्षित भवन निर्माण जैसे कार्य किए जाते हैं। साथ ही जागरूकता, मॉक ड्रिल, प्रशिक्षण कार्यक्रम और अर्ली वार्निंग सिस्टम के जरिए लोगों को आपदा के प्रति सतर्क और सक्षम बनाया जाता है।
यह फंड जिला प्रशासन द्वारा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के माध्यम से संचालित किया जाता है और आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है।





