
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के महिला अध्ययन एवं विकास केंद्र में महिलाओं के विकास से जुड़ी एक विशेष शोध परियोजना शुरू होगी। इससे विद्यार्थी और युवा शोधार्थियों को सीधे तौर पर फील्ड तथा शोध कार्य से जुड़ने का अवसर मिलेगा। यह परियोजना प्रदेश में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका और उनके माध्यम से महिलाओं के विकास पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करेगी।
अध्ययन के लिए विश्वविद्यालय ने एक शोध सहायक और तीन क्षेत्र शोधकर्ताओं की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे हैं। परियोजना के तहत दो तरह की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। फील्ड स्तर पर काम करने के लिए तीन शोधकर्ताओं के पद रखे गए हैं जिनकी अवधि दो महीने होगी। इनका मुख्य काम अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर जानकारी जुटाना, लोगों से बातचीत करना और आंकड़ों को व्यवस्थित करना रहेगा।
इसके लिए सामाजिक विज्ञान के किसी भी विषय में स्नातकोत्तर योग्यता रखने वाले उम्मीदवार उपयुक्त माने गए हैं, साथ ही कंप्यूटर का सामान्य ज्ञान भी जरूरी बताया गया है। एक शोध सहायक का पद भी भरा जाएगा जिसकी अवधि छह महीने होगी। इनका कार्य आंकड़ों का विश्लेषण करना, पहले से मौजूद शोध सामग्री की समीक्षा और अंतिम रिपोर्ट तैयार करना शामिल है। इसके लिए शोध से जुड़ी योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
आरक्षित वर्ग को नियमानुसार मिलेगी छूट
दोनों ही पदों के लिए आयु सीमा 23 से 45 वर्ष रखी है जबकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट मिलेगी। विवि प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यह जिम्मेदारियां पूरी तरह अस्थायी होंगी और परियोजना की अवधि के साथ ही समाप्त हो जाएंगी। चयन प्रक्रिया के तहत पहले आवेदनों की जांच की जाएगी और फिर चुने गए उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। साक्षात्कार के दिन सभी जरूरी प्रमाणपत्र साथ लाने होंगे।





