
शिमला/सोलन:
हिमाचल प्रदेश प्रीस्कूल एसोसिएशन ने शिमला और सोलन जिलों में निजी स्कूलों द्वारा Early Childhood Care and Education (ECCE) मानकों के उल्लंघन को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
एसोसिएशन की अध्यक्ष रचना दलिवाल ने जारी बयान में कहा कि नवंबर माह में शिमला और सोलन के उपायुक्तों तथा महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे। इन निर्देशों के अनुसार किसी भी प्रीस्कूल या शैक्षणिक संस्थान को निर्धारित प्रवेश सीमा से अधिक बच्चों को दाखिला नहीं देना चाहिए तथा छात्र-शिक्षक अनुपात 1:20 का सख्ती से पालन किया जाना अनिवार्य है।
इसके बावजूद कई स्कूलों द्वारा इन नियमों की अनदेखी की जा रही है। जानकारी के अनुसार कुछ संस्थानों में एक कक्षा में 20 से अधिक बच्चों को दाखिला दिया गया है, जिससे न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है बल्कि बच्चों की सुरक्षा, देखभाल और समग्र विकास भी प्रभावित हो रहा है।
एसोसिएशन ने सोलन में विभाग द्वारा शुरू की गई जांच का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। साथ ही, शिमला जिले में भी इसी तरह की शिकायतों को देखते हुए विस्तृत जांच की मांग की गई है।
रचना दलिवाल ने कहा कि ECCE मानकों का पालन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि बच्चों के भावनात्मक, मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
प्रीस्कूल एसोसिएशन, हिमाचल प्रदेश ने यह भी दोहराया कि वह प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।






