Shimla: मालरोड पर मंत्रियों और विधायकों की गाड़ियों के लिए लगाई गई येलो लाइन पर जवाब तलब, जानें पूरा मामला

शिमला मालरोड पर मंत्रियों और विधायकों की गाड़ियों के लिए येलो लाइन लगाने के मामले में प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब-तलब किया है। कोर्ट ने पूछा है कि आखिर किस कानून के तहत मालरोड पर येलो लाइन लगाई गई है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने मंगलवार को एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से जवाब-तलब किया। राजधानी के मालरोड पर वाहनों की बेतरतीब पार्किंग को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता देवेन खन्ना ने प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। इस याचिका पर पहले भी सुनवाई हो चुकी है।

मंगलवार को फिर इस मामले पर सुनवाई हुई, इस दौरान अधिवक्ता ने अमर उजाला अखबार में प्रकाशित खबर कोर्ट में दिखाते हुए पुलिस और नगर निगम की ओर से येलो लाइन लगाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मंत्री-विधायकों के लिए मालरोड पर ही येलो लाइन लगाई जा रही है। एक्ट 2007 के तहत मालरोड पर सिर्फ इन गाड़ियों के लिए ड्रॉपिंग की सुविधा थी लेकिन अब यहां येलो लाइन लगाकर पार्किंग बनाई जा रही है। अधिवक्ता ने कहा कि यह स्थानीय लोगों के साथ भेदभाव है। मालरोड पर मंत्री-नेता ही नहीं आते बल्कि यहां कई कारोबारियों की दुकानें हैं, कई लोगों के घर और दफ्तर भी हैं। फिर इन्हें भी पार्किंग सुविधा मिलनी चाहिए। अधिवक्ता देवेन खन्ना ने मालरोड पर येलो लाइन लगाने की प्रक्रिया पर स्टे लगाने का आग्रह किया।

सरकार से मांगा है जवाब
अधिवक्ता देवेन खन्ना के अनुसार अभी कोर्ट ने येलो लाइन पर स्टे नहीं दिया है लेकिन सरकार से एक हफ्ते में जवाब मांगा है। अधिवक्ता की ओर से दायर जनहित याचिका में हाईकोर्ट से शिमला शहर के हेरिटेज क्षेत्र मालरोड पर वाहनों की अवैध पार्किंग रोकने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि शिमला जैसे ऐतिहासिक शहर में हर साल लाखों सैलानी आते हैं, यहां मालरोड की सैर करते हैं। ऐसे में इसकी ऐतिहासिकता बचाई जानी चाहिए। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने एसपी शिमला से रिपोर्ट मांगी थी कि मालरोड जैसी प्रतिबंधित सड़क पर कितने वाहनों को परमिट जारी किए हैं। अब अगले हफ्ते इस पर आगामी सुनवाई होगी।

नगर निगम ने लगाई है येलो लाइन
नगर निगम ने सोमवार को ही मालरोड पर विलो बैंक से लेकर क्लार्क होटल तक कुछेक स्थानों पर येलो लाइन लगाई है। निगम का दावा है कि पुलिस के निर्देश के अनुसार ही यहां येलो लाइन लगाई गई है। उधर पुलिस का कहना है कि सरकार के निर्देश पर ही येलो लाइन लगाई है। शहरभर में चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर नेताओं के लिए मालरोड पर पार्किंग सुविधा क्यों दी जा रही है।

Share the news