
सतत उत्पादकता के लिए सब्जी बीज उत्पादन विषय पर 10 दिवसीय राष्ट्रीय स्तर का उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम डॉ यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के उन्नत संकाय प्रशिक्षण केंद्र बागवानी (सब्जी) में संपन्न हुआ।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं अनुसंधान निदेशक डॉ. देविना वैद्य ने सफल तकनीकों और उन्नत सब्जी किस्मों के विकास के लिए भविष्य की रणनीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विविधीकृत सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने तथा उच्च पोषण मूल्य सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्तायुक्त बीज की सतत उपलब्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की बढ़ती जनसंख्या की पोषण एवं स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाना तथा सब्जियों के अंतर्गत क्षेत्र का विस्तार करना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही, उन्होंने प्रतिभागी वैज्ञानिकों से किसानों को समय पर उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने हेतु नवाचार आधारित बीज उत्पादन तकनीकों के विकास में तेजी लाने का आह्वान किया।
इससे पूर्व, सब्जी विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. हैप्पी देव शर्मा ने बताया कि यह प्रतिष्ठित केंद्र वर्ष 1994 से विभाग में संचालित किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक तथा तेलंगाना सहित सात राज्यों के विभिन्न अनुसंधान संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों से 14 वैज्ञानिकों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने सतत उत्पादकता एवं पोषण सुरक्षा के उद्देश्य से गुणवत्तापूर्ण सब्जी बीज उत्पादन में नवीनतम अनुसंधान एवं उन्नत तकनीकों पर व्याख्यान प्रस्तुत किए। विचार-विमर्श का मुख्य फोकस बढ़ती जनसंख्या की खाद्य एवं पोषण आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु अत्याधुनिक सब्जी उत्पादन तकनीकों पर रहा। डॉ. शर्मा ने यह भी बताया कि केंद्र द्वारा अब तक सब्जी फसलों के विभिन्न अनुसंधान एवं विकास पहलुओं पर 34 उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनसे पिछले 32 वर्षों में 600 से अधिक वैज्ञानिकों एवं शिक्षकों ने लाभ उठाया है। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।





