
बघाट बैंक लोन मामले में चेक बाउंस होने पर सहायक पंजीयक की अदालत ने बिजली बोर्ड के एक कर्मचारी की सैलरी अटैच करने के आदेश जारी कर दिए हैं। कर्मचारी पर करीब 27 लाख रुपये का लोन है और इसे न चुकाने पर बैंक ने डिफाल्टर घोषित किया था। वहीं जो चेक कर्मचारी ने दिया था वह भी बाउंस हो गया था। बुधवार को सहायक पंजीयक ने चेक बाउंस मामले में अदालत में सुनवाई की। इसमें 12 डिफाल्टरों को बुलाया गया था, जिसमें मात्र एक ही डिफाल्टर पहुंचा। करीब 90 लाख रुपये के चेक बघाट बैंक के पास बाउंस हुए थे।
वहीं चेक बाउंस होने के मामले में 12 डिफाल्टरों में से चार सरकारी कर्मचारी हैं। इसमें एक कर्मचारी नालागढ़ में तैनात है और उस पर 15 लाख रुपये का लोन है। जबकि एक आईजीएमसी शिमला में स्टॉफ नर्स है जिस पर पांच लाख का लोन है। सचिवालय शिमला का एक कर्मचारी भी तीन लाख रुपये के लोन का डिफाल्टर है। हालांकि अन्य कर्मचारियों को दूसरा रिमांइडर नोटिस भेजा जाएगा। इसी तरह आठ अन्य डिफाल्टर भी हैं। इन सभी के पास बैंक के करीब 4 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं। जो डिफाल्टर पेशी में पहुंचा था, उस पर करीब 3 करोड़ रुपये का लोन है। उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले अदालत में 10 लाख रुपये का चेक दिया था और वह चेक बाउंस हो गया था। इसके बाद उसे दोबारा बुलाया गया था।
वहीं इस बार भी उसने लोन चुकाने के लिए हामी भरी है। यदि फिर भी वह लोन नहीं चुकाएगा तो उनकी सैलरी अटैच कर दी जाएगी। जो डिफाल्टर पेशी में नहीं आए उन्हें अब दोबारा से नोटिस जारी किए जाएंगे। 17 वे 18 मार्च को अब सहायक पंजीयक की अदालत में उन्हें बुलाया जाएगा। यदि उसके बाद भी वे नहीं आते हैं तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होंगे।
उधर, सहायक पंजीयक सोलन गिरीश नड्डा ने बताया कि चेक बाउंस के मामले में बुधवार को 12 डिफाल्टरों को अदालत में बुलाया गया था। केवल एक डिफाल्टर पेशी में पहुंचा। वहीं अन्य सभी को अब दोबारा से 17 व 18 मार्च को पेशी में बुलाने के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। यदि वे फिर भी नहीं आते हैं तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाएंगे। अदालत में एक सरकारी कर्मचारी की सैलरी अटैच करने के भी आदेश दिए गए हैं। संबंधित कर्मचारी पर करीब 27 लाख रुपये का लोन है।





