
#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*
24 दिसंबर 2023

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि हमने सत्ता में आते ही आर्थिक तंगी के बावजूद पुरानी पेंशन को बहाल किया है। करीब 500 लोगों को यह लाभ भी मिलना शुरू हो गया है। छठे वेतन आयोग के एरियर की 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारी है। उन्होंने कहा कि एक-दो साल में एरियर भी जारी कर दिया जाएगा। विधायक राजेंद्र राणा के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के पेंशनभोगी कर्मियों को छठे वेतन आयोग के अनुसार संशोधित पेंशन देने का मामला भी सरकार के विचाराधीन है।
3 जनवरी को जाऊंगा दिल्ली, विपक्ष भी चले साथ
धर्मशाला। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि मैं तीन जनवरी को दिल्ली जाऊंगा। विपक्ष के सदस्य भी मेरे साथ चलें। सब मिलकर केंद्र सरकार से आपदा राहत राशि को जारी करने की मांग करेंगे। विधायक डीएस ठाकुर ने सीमांत क्षेत्रों में कार्यरत एसपीओ को जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर मानदेय प्रदान करने का मामला उठाते हुए कि हिमाचल में जवानों को 6-7 हजार रुपये ही मिल रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में इन्हीं जवानों को 18 हजार रुपये मिल रहे हैं। विधायक हंसराज ने कहा कि वर्ष 1998 से यह एसपीओ लगे हैं।
एक साल में 10 शिक्षकों, एक अधिकारी को दिया सेवा विस्तार
विधायक होशियार सिंह के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते एक वर्ष के दौरान 10 शिक्षकों और एक अधिकारी को सेवा विस्तार दिया गया। इसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले दस शिक्षक शामिल हैं। उपनिदेशक फैक्टरी का पद अधिक समय तक रिक्त रहने से कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए एक अधिकारी को भी सेवा विस्तार दिया गया।
स्थायी रोजगार की सूचना नहीं मिलने पर लोकेंद्र ने जताई नाराजगी
प्रदेश में बीते एक वर्ष के दौरान दिए गए स्थायी रोजगार की सूचना नहीं मिलने पर भाजपा विधायक लोकेंद्र कुमार ने नाराजगी जताई। विधायक ने कहा कि लिखित जवाब दिया गया है कि सूचना एकत्रित की जा रही है। इस जवाब से लगता है कि सरकार ने कोई भी रोजगार नहीं दिया है। इस पर श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि इस बारे में सर्वे किया जा रहा है। जल्द ही पूरी जानकारी उपलब्ध करवा दी जाएगी।
पटवार वृत्त के लिए कम की जाए खसरा नंबर की शर्त : सुल्तानपुरी
कांग्रेस विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने पटवार वृत्त सृजन के लिए खसरा नंबर की शर्त को कम करने की मांग की है। प्रश्नकाल के दौरान विधायक ने कहा कि वर्तमान में 4400 हेक्टेयर की शर्त है, इसे घटाकर 3000 हेक्टेयर किया जाना चाहिए। जवाब में राजस्व मंत्री ने कहा कि इस पर विचार किया जाएगा। प्रदेश में पटवार वृत्त का सृजन केवल खसरा नंबरों के मानकों के आधार पर नहीं किया जाता है। इसके लिए प्रदेश भू अभिलेख नियमावली 1992 में कई अन्य प्रावधान भी हैं। सरकार प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों, प्रशासनिक आवश्यकता व कार्य अधिकता तथा वित्तीय स्थिति पर पड़ने वाले बोझ को ध्यान में रखकर ही नए संस्थान खोलने पर विचार करती है।
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