चेस्टर हिल विवाद: संजय गुप्ता के नियमित मुख्य सचिव बनने की राह में रोड़ा, सेवा विस्तार के आसार कम

चेस्टर हिल विवाद के बाद कार्यवाहक मुख्य सचिव के रूप में काम कर रहे संजय गुप्ता के नियमित मुख्य सचिव बनने के रास्ते में भी रोड़ा खड़ा हो गया है। संजय गुप्ता 31 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। शिकायत पत्र में इस विवाद से नाम जोड़े जाने के बाद अब उनके पिछले मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना की तरह सेवा विस्तार के आसार भी कम हैं। प्रबोध सक्सेना की सेवानिवृत्ति के बाद संजय गुप्ता वरिष्ठता के पैमाने से मुख्य सचिव की कुर्सी पर तो बैठ गए, मगर वह अतिरिक्त मुख्य सचिव से पदोन्नत कर नियमित मुख्य सचिव नहीं बन पाए। बीच में उन्हें नियमित मुख्य सचिव बनाने की प्रक्रिया शुरू भी की गई, मगर यह फिलहाल थम गई है। चेस्टर हिल मामले में छोटा शिमला पुलिस थाने में जमीन खरीद में अनियमितताओं की शिकायत होने के बाद शिकायतकर्ता ने इसमें मुख्य सचिव को भी लपेटने का प्रयास किया है। हालांकि, मुख्य सचिव संजय गुप्ता इस बारे में सफाई दे चुके हैं कि उनका नाम इस मामले से एक षड्यंत्र के तहत जोडृा जा रहा है। संजय गुप्ता तो खुद यहां तक कह चुके हैं कि उन्हें एक्सटेंशन या ताजा नियुक्ति न मिले, इसलिए उनके विरोधी प्रपंच रच रहे हैं। इसके बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व केके पंत ने डीसी सोलन को पत्र भेजकर मुख्य सचिव के चेस्टर हिल मामले में एसडीएम की रिपोर्ट खारिज करने का निर्देश वापस ले लिया। धारा 118 की अवहेलना और बेनामी संपत्ति की कार्रवाई कर जमीन को सरकार में निहित करने की कार्रवाई करने को कहा। इससे यह विवाद और गहरा गया है।
गुप्ता के निर्देश को वापस लेने की चिट्टी लिखने वाले पंत सीएस की कुर्सी के सबसे नजदीक
डीसी सोलन को मुख्य सचिव संजय गुप्ता के निर्देश को वापस लेने की चिट्ठी लिखने वाले अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व केके पंत सीएस की कुर्सी के सबसे नजदीक हैं। गुप्ता के बाद वही सबसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। विवाद के बाद जून में हिमाचल को नया मुख्य सचिव मिलना तय है। संजय गुप्ता 1988 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। जिस तरह पिछले दिनों ब्यूराेक्रेसी की लड़ाई सामने आई, उससे साफ है कि संजय गुप्ता का आगामी दो महीने से भी कम समय का कार्यकाल चुनौतियों भरा रहने वाला है। अगर वह 31 मई तक अपने कार्यकाल को सफलता से पूरा कर लेते हैं तो एक जून से हिमाचल में नए मुख्य सचिव की नियुक्ति होगी। प्रबोध सक्सेना की सेवानिवृत्ति से पहले मुख्य सचिव की कुर्सी के दावेदारों में संजय गुप्ता के साथ केके पंत का नाम भी चर्चा में था। पंत 1993 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वरिष्ठता में उनके बाद 1994 बैच की आईएएस अधिकारी अनुराधा ठाकुर का नाम आता है जो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। वह केंद्रीय वित्त मंत्रालय में महत्वपूर्ण पद पर होने के चलते हिमाचल आने में दिलचस्पी ले रही हैं कि नहीं, इस पर भी स्थिति अभी साफ नहीं हैं। अनुराधा के ही बैच में उनके बाद ओंकार शर्मा आते हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव जनजातीय विकास ओंकार शर्मा पर मुख्यमंत्री सहमत होते हैं कि नहीं, इस पर भी तस्वीर साफ नहीं है। एक अन्य विवाद के बाद उनसे पहले ही महत्वपूर्ण महकमे वापस लिए जा चुके हैं।

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