
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
7 मार्च 2023
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बीएड डिग्री धारकों को जेबीटी टेट के लिए योग्य करने के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद निर्धारित की है। एनसीटीई की 28 जून 2018 की अधिसूचना की वैधता सर्वोच्च अदालत में लंबित है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश विरेंद्र सिंह की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था। याचिकाकर्ता ने हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड की 5 नवंबर को जारी अधिसूचना को चुनौती दी है। इसमें बीएड डिग्री धारकों को जेबीटी टेट के लिए योग्य किया गया था।
आरोप लगाया गया है कि बोर्ड ने निदेशक प्राथमिक शिक्षा की ओर से 4 नवंबर को जारी निर्देशों के आधार पर यह निर्णय लिया है। याचिका में दलील दी गई है कि एनसीटीई की जिस अधिसूचना के तहत बीएड डिग्री धारकों जेबीटी टेट के लिए योग्य किया गया है, उसे राजस्थान हाईकोर्ट रद कर चुका है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में भी पुनर्विचार याचिका लंबित है। एनसीटीई की 28 जून 2018 की अधिसूचना की वैधता सर्वोच्च अदालत में लंबित है। ऐसे में बीएड धारकों को जेबीटी टेट के लिए योग्य करने का निर्णय सरासर गलत है।
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