# जो 60 साल में नहीं हुआ, मोदी ने 8 साल में कर दिखाया : अनुराग

खबर अभी अभी ब्यूरो सोलन

26 मार्च 2023

Anurag Thakur - Wikipedia

कांगड़ा एयरपोर्ट पर रविवार से इंडिगो एयरलाइंस ने अपनी हवाई सेवा शुरू की। इस अवसर पर केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह दिल्ली से वचुर्अली जुड़े। उन्होंने कांगड़ा एयरपोर्ट के लिए पहली इंडिगो एयरलाइन दिल्ली-धर्मशाला-दिल्ली उड़ान को हरी झंडी दिखाई। कांगड़ा एयरपोर्ट पर रविवार को इंडिगो का 78 सीटर विमान पहली बार उतरा, जिसमें दिल्ली से 67 यात्रियों ने कांगड़ा एयरपोर्ट तक का सफर किया, जबकि कांगड़ा एयरपोर्ट से 56 यात्रियों ने इंडिगो विमान से दिल्ली के लिए प्रस्थान किया।

यह विमान सेवा सप्ताह के सातों दिन कांगड़ा एयरपोर्ट के लिए सेवाएं देगी, यह सेवा दिल्ली से सुबह 8.25 बजे कांगड़ा एयरपोर्ट पहुंचेगी और हर दिन वापिस 8.50 पर दिल्ली वापिस जाएगी। इंडिगो की ओर से एक अन्य हवाई सेवा भी शुरू की जा रही है, जो कि सोमवार से आरंभ होगी और सप्ताह में 4 दिन यानी सोमवार, बुधवार, वीरवार और शुक्रवार को सेवाएं देगी, जो कि 12.55 बजे कांगड़ा पहुंचेगी और 1.15 बजे वापिस दिल्ली के लिए रवाना होगी।

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में इंडिगो कनेक्टिविटी की सुविधा के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इंडिगो पहाड़ी राज्य में बिना फ्लाइट के सही मायने में राष्ट्रीय एयरलाइन नहीं बन सकती थी। उन्होंने बड़े हवाई अड्डे की मांग करते हुए कहा कि इससे यात्रियों को सीधी निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी। अनुराग ठाकुर ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की बदौलत देश में एयरपोर्ट की संख्या 74 से बढ़कर 140 हो गई है। जो 60 वर्ष में नहीं हो पाया, वो मोदी सरकार ने 8 वर्ष में कर दिखाया है।

उड़ान योजना के कारण हवाई चप्पल में लोग हवाई जहाज में यात्रा कर सकते हैं। कांगड़ा हवाई अड्डा पांच जिलों को आसानी से जोड़ता है और राज्य की आधी आबादी को सीधे लाभान्वित करता है। इंडिगो की यह एकल उड़ान राज्य के आधे हिस्से और पंजाब के कुछ स्थानों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने में एक लंबा रास्ता तय करती है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार दो चरणों में किया जाएगा। नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में पिछले 65 वर्षों में जो हासिल नहीं हुआ, वह पिछले 9 वर्षों में 148 हवाई अड्डों, वाटरड्रोम और हेलीपोर्ट के निर्माण के साथ हासिल किया गया है। मंत्रालय अगले तीन से चार वर्षों के भीतर इस संख्या को 200 से अधिक करने के लक्ष्य की दिशा में काम कर रहा है। यह प्रयास बड़े मेट्रो हवाई अड्डों के साथ-साथ अंतिम मील कनेक्टिविटी प्रदान करने वाले दूरस्थ हवाई अड्डों को समान महत्व देगा।

खबर अभी अभी ब्यूरो सोलन

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