टेंपो ट्रैवलर की बॉडी खुद बनाएगा एचआरटीसी, चैसी के लिए कंपनियों से मांगे जाएंगे आवेदन, जानें

पथ परिवहन निगम इन दिनों बसों में सफर कर रही सवारियों का आकलन कर रही है। किस रूट पर कितनी सवारियां चल रही हैं और कौन-कौन ऐसे रूट हैं, जहां सवारियों का अभाव है। इन रूटों पर निगम टेपों ट्रेवलर चलाएगा। निगम के बेड़े में 18 सीटर वाले 100 टेंपो ट्रैवलर जुड़ने जा रहे हैं। इसको लेकर औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। पहले भी परिवहन निगम ने टेपों ट्रेवलर के लिए कंपनियों से आवेदन मांगे थे, लेकिन रेट ज्यादा आने से यह मामला लटक गया। अब निगम ने टेपों ट्रेवलर की बॉडी खुद तैयार करने और चैसी के टेंडर करने का फैसला लिया है। इस मामले को आगामी बीओडी की बैठक में लाया जाएगा।

परिवहन निगम का मानना है कि सामाजिक दायित्व के चलते निगम घाटे के रूटों पर भी बसें चला रहा है। कई रूट ऐसे हैं जिन पर चालकों, परिचालकों और तेल का खर्चा तक नहीं निकल रहा है। लोगों की डिमांड के अनुसार बसें चलाना भी मजबूरी है। दूसरा एचआरटीसी के बेड़े में कई बसें ऐसी हैं, जो पुरानी हो चुकी हैं। बार-बार ये बसें खराब हो जाती हैं। इसमें भी निगम के पैसे की बर्बादी हो रही है। मंत्री, विधायकों व नेता भी अपने अपने क्षेत्र के लिए परिवहन निगम की बसें चलाने का दबाव बना रहे हैं। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि निगम जल्द ही 18 सीटर टेपों ट्रेवलर खरीदने जा रहा है। इन्हें ग्रामीण क्षेत्रों के रूटों पर चलाया जाना है। रूटों पर है प्रतिस्पर्धा
परिवहन निगम के रूटों पर सरकारी और निजी ऑपरेटरों में प्रतिस्पर्धा है। आए दिनों रूटों पर सरकारी और निजी बस चालक उलझे रहते हैं। इसको लेकर भी परिवहन विभाग और निगम कार्यालय में लगातार शिकायतें हो रही है।

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