डेयरी क्षेत्र को सुदृढ़ करने से बढ़ी पशुपालकों की आय- बुद्धि सिंह ठाकुर

मंडी,
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक प्रसंघ (मिल्क फेडरेशन) के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आज जिला मंडी के नाचन विधानसभा क्षेत्र के चैलचौक में एक दिवसीय दूध उत्पादक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र की सहकारी दुग्ध सोसायटियों से जुड़े सैकड़ों किसानों और पशुपालकों ने भाग लिया।
दुग्ध उत्पादकों को संबोधित करते हुए बुद्धि सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कुशल नेतृत्व में किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने दूध के समर्थन मूल्य में कई गुणा बढ़ोतरी की है, जिससे पशुपालकों को सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री की सोच है कि गांव की महिला को पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन के माध्यम से 25 से 30 हजार रुपए प्रतिमाह की सुनिश्चित आय हो और इस दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मिल्क फेडरेशन के माध्यम से दूध उत्पादकों को बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने पशुपालकों से आधुनिक तकनीकों को अपनाकर दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और डेयरी व्यवसाय को आय का सशक्त माध्यम बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उन्होंने जानकारी दी कि दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार मिल्क फेडरेशन के माध्यम से प्रदेश में छह नए मिल्क प्लांट स्थापित करेगी। करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इन प्लांटों से प्रदेश के हजारों दुग्ध उत्पादकों और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
बुद्धि सिंह ठाकुर ने बताया कि धर्मशाला में एक बड़े मिल्क प्लांट की स्थापना की जाएगी, जिससे कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर और ऊना जिलों के दुग्ध उत्पादकों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा लगभग 35.35 करोड़ रुपये की लागत से नाहन और नालागढ़ में भी मिल्क प्लांट स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने नाचन क्षेत्र के पशुपालको की बढ़ती मांग के अनुसार चिलिंग सेंटर खोलने के लिए भूमि चिन्हित करने के लिए कहा और आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार दवारा जल्द ही चिलिंग सेंटर खोल दिया जायेगा, ताकि पशु पालकों को घर-द्वार पर लाभ मिल सके।
उन्होंने जानकारी दी कि मंडी का दूध अब शिमला में भी बिकने लगा है, यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है! उन्होंने कहा कि दुग्ध संग्रहण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए रोहड़ू, हमीरपुर, ऊना और मौहल में मिल्क चिलिंग प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि किसानों से एकत्रित दूध को सुरक्षित रूप से संग्रहित और प्रसंस्कृत किया जा सके।
प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हिमाचल प्रदेश दुग्ध प्रसंघ द्वारा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से किया गया। प्रशिक्षण के दौरान बोर्ड के उत्तर क्षेत्रीय प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण केंद्र (एनआरडीटीसी) जालंधर से आए विशेषज्ञों ने दूध उत्पादन बढ़ाने, पशुओं के संतुलित आहार, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन तथा आधुनिक डेयरी तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर गोहर से नवनियुक्त हिमाचल मिल्क फेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर अमृत पाल, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के एनआरडीटीसी जालंधर से डॉ. सत्यपाल कुरिये (प्रिंसिपल) तथा डॉ. दामिनी आर्य (साइंटिस्ट), मिल्क फेडरेशन प्लांट चक्कर के यूनिट इंचार्ज विश्वकांत शर्मा, पीआई इंचार्ज लाभ सिंह ठाकुर, विभागीय प्रतिनिधि, गणमान्य व्यक्ति तथा बड़ी संख्या में स्थानीय दूध उत्पादक और पशुपालक उपस्थित रहे।

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