
ख़बर अभी अभी सोलन ब्यूरो
06 जून 2024
शहर के समीप सलोगड़ा में नेशनल हाईवे से बारिश का पानी लोगों के घर में घुस गया। जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। गुस्साए लोगों ने विरोध स्वरूप सलोगड़ा के समीप हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोक दी। जिससे सैंकड़ों गाड़ियां जाम में फंस गईं। करीब एक घण्टे बाद लोगों ने पुलिस के पहुंचने व एसडीएम के कहने पर आवाजाही सुचारू की। बता दें की बुधवार शाम तेज बारिश में हुई स्थिति के कारण कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर सलोगड़ा में करीब एक घंटा जाम लग रहा। पीड़ित लोगों ने आरोप लगाया कि नेशनल हाईवे बनाने वाली कम्पनी ने पानी की निकासी के लिए उचित इंतजाम नहीं किए है।
हाइवे पर पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। जिस कारण बारिश का सारा पानी उनके घरों में घुस गया। इसकी शिकायत पहले भी डीसी और एसडीएम को की गई है। लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई। बाकायदा लोग लैंड एकोज़ीशन ऑफिसर व प्रॉजेक्ट डायरेक्टर से भी समस्या को सुलझाने की गुहार लगा चुके है। मगर समस्या जस की तस बनी है। यही नही लोगों ने स्थानीय व जिला प्रशासन से भी अपील की कि नेशनल हाईवे के पानी की निकासी का सही से इंतजाम किया जाए ताकि भविष्य में उन्हें इस प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। उन्होंने दुख जताया कि बार बार मांग के बाद भी सुनवाई नहीं हुई।
नतीजा यह हुआ कि बारिश होते ही हाइवे की पुलिया व आसपास का पानी उनके घरों में घुस आया। काफी मात्रा में पानी आने से एक व्यक्ति के घर की दीवार टूट गई। रसोई घर डेमेज हो गया। खेत नष्ट हो गए। खेत में जुताई के लिए रखा टिल्लर भी चपेट में आ गया। मकान मालिक विमला देवी के अलावा यहां रह रहे 7 परिवारों के लोगों ने समस्या के समाधान की मांग की है। उनका कहना है की समय रहते उनकी परेशानी को समझा होता तो हालात अलग होते।
4 जुलाई 2019 में भी यहां राजेश शर्मा का तीन मंजिल मकान मलबा गिराने के कारण गिर गया था। पड़ोसी नेकराम, गीता राम, अनोखी राम, शेर दत्त, हुकुम चंद, राजेश शर्मा, रक्षा शर्मा व दीपक सहित दो दिव्यांग युवतियों ने सरकार से समस्या को जड़ से हटाने की मांग की है। उनका कहना है की अभी तो बरसात दूर है और घर मे कमाने वाला कोई नहीं है। अभी ये हाल हो गए है तो अंदाजा लगाया जा सकता है की बरसात में यहां बारिश कितना विकराल रूप ले सकती है। उन्होंने स्थानीय, जिला व नेशनल हाइवे प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या के समाधान की मांग की है। यदि समय पर समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन का रास्ता अपनाने से भी गुरेज नहीं करेंगे।






