# दूल्हे की तरह सजा, माता-पिता ने नोटों के हार पहनाए, फौजी भाई ने सैल्यूट से दी शहीद को अंतिम विदाई|

ख़बर अभी अभी ब्यूरो सोलन

7 मई 2023

राजोरी के कांडी जंगल में आतंकियों के बिछाए आईईडी धमाके में शहीद हुए हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई गांव के पैराट्रूपर प्रमोद नेगी (26) को हजारों नम आंखों ने शनिवार को अंतिम विदाई दी। माता तारा देवी ने अपने लाल को दूल्हे की तरह नोटों का हार पहनाकर, पिता देवेंद्र नेगी ने गले लगाकर, बहन मनीषा नेगी ने राखी बांध और सेना में तैनात छोटे भाई ने सैल्यूट कर शहीद प्रमोद को अंतिम विदाई दी।
सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ हुए अंतिम संस्कार में शहीद की चिता को पिता और भाई ने मुखाग्नि दी। प्रमोद अविवाहित थे। अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए और हर आंख नम थी। इस दौरान प्रमोद अमर रहें, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए गए।

इससे पहले हवाई मार्ग से शहीद प्रमोद की पार्थिव देह उत्तराखंड के गरसेन के शहीद रूचिन सिंह रावत के साथ शनिवार दोपहर देहरादून पहुंची थी। इसके बाद देहरादून से सड़क मार्ग से होते हुए जैसे ही तिरंगे में लिपटी प्रमोद की पार्थिव देह शाम 5:00 बजे शिलाई पहुंची, तो समूचे गिरिपार इलाके में चीख-पुकार मच गई।

martyr Pramod Negi Dressed like a groom, mother garlanded notes, sister tied rakhi and soldier brother gave la

 शाम 6:45 बजे के आसपास वीर सपूत मां भारती की गोद में समा गया। पुलिस व सेना की टुकड़ियों ने शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया। प्रमोद आजादी के ही दिन 15 अगस्त 1997 को जन्मे थे।
शहीद बेटे प्रमोद नेगी के इंतजार में पिछले 29 घंटे से माता तारा देवी और पिता देवेंद्र नेगी ने पलक भी नहीं झपकी थी। घर पर माता-पिता और बहन मनीषा नेगी के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे, तो सेना में तैनात छोटे भाई जवान नितेश नेगी शुक्रवार से ही पार्थिव देह से लिपट-लिपटकर रो रहे थे। 
शनिवार को जैसे ही घर से प्रमोद अनंत यात्रा के लिए निकले तो सड़क किनारे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के विद्यार्थियों ने हाथों में तिरंगा लेकर शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। वहीं पहाड़ियों पर बैठे सैकड़ों लोग शहीद की वीरता की गाथा पर चर्चा करते दिखे।
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