
#खबर अभी अभी मंड़ी ब्यूरो*
22 जुलाई 2023

बरसात के मौसम के बीच यहां की वादियों में हरियाली छा जाती है। समुद्रतल से 9,000 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित पराशर झील के नजारे जन्नत से कम नहीं हैं। पर्यटकों को यहां ठहरने के लिए रेस्ट हाउस उपलब्ध हैं। खाने की सामग्री, पीने का पानी, दवाई व अन्य सामान अपने साथ ले जाना जरूरी है। प्राकृतिक सौंदर्य के अतिरिक्त झील में तैरता एक भूखंड भी है। झील में तैर रहे भूखंड को स्थानीय भाषा में टाहला कहते हैं। भूखंड सभी के लिए आश्चर्य है क्योंकि यह भूखंड झील में इधर से उधर तैरता है।



यहां से पैदल ट्रैक से झील मात्र आठ किलोमीटर दूर रह जाती है। बागी से आगे गाड़ी से भी जाया जा सकता है। एनएच पर मंडी से आगे सुंदर पनीले स्थल पंडोह से नोरबदार होकर भी पराशर झील पहुंच सकते हैं।

माता हणोगी मंदिर से बाहंदी होकर भी यहां पहुंचने के लिए मार्ग है। कुल्लू से लौटते समय बजौरा नामक स्थान के सैगली से बागी होकर भी पराशर झील पहुंच सकते हैं। मंडी से द्रंग होकर भी कटौला कांढी बागी जाया जा सकता है।
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