
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
5 जून 2023
पर्यावरण संरक्षण के लिए सहयोगपूर्ण दीर्घकालीन प्रयासों की आवश्यकता है और पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली अपनाने से इस लक्ष्य को प्राप्त करने में काफी मदद मिलेगी। डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में पर्यावरण दिवस समारोह के दौरान मुख्य अतिथि रहे नगर निगम सोलन के आयुक्त जफर इकबाल ने सोमवार को विश्वविद्यालय में विचार व्यक्त किए।
यह आयोजन लाइफस्टाइल फॉर द एनवायरनमेंट (LiFE) मिशन का हिस्सा था, जिसके तहत विश्वविद्यालय ने पिछले एक पखवाड़े में कई कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया था। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने सभी से समाधान का हिस्सा बनने और अपने घरों से कार्यालय तक ‘रीदूस, रीसायकल और पुन: उपयोग’ के मंत्र को लागू करने का आग्रह किया। उन्होंने पर्यावरण के प्रति जागरूक मानसिकता विकसित करने और योग और ध्यान को उचित कार्य-जीवन संतुलन बनाने के रूप में अपनाने का भी आह्वान किया। उन्होंने लाइफ मिशन के तहत विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए विश्वविद्यालय को बधाई दी। विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ संजीव चौहान ने भी छात्रों और कर्मचारियों से सिंगल यूज प्लास्टिक पर निर्भरता कम करने और स्थायी विकल्प खोजने का आग्रह किया।

सुबाथू की एक महिला उद्यमी निशा ठाकुर ने चीड़ की पत्तियों से विकसित किए गए विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने समूह के इस प्रयास के बारे में बताया कि कैसे चीड़ के कृषि-कचरे को उपयोगी उत्पादों में परिवर्तित किया जा सकता है, जिससे बाजार में अच्छे दाम पर बेचा जा सकता है।
इससे पहले, डॉ. राजेश कौशल ने विश्वविद्यालय और क्षेत्रीय स्टेशनों पर लाइफ़ मिशन के तहत आयोजित विभिन्न गतिविधियों पर एक प्रस्तुति दी। यह गतिविधियां 22 मई को शुरू हुईं और आज पर्यावरण दिवस के अवसर पर समाप्त हुईं। इसमें शपथ ग्रहण, स्कूलों और विश्वविद्यालयों में प्रतियोगिताएं, पर्यावरण संरक्षण पर व्याख्यान, रैलियां, श्री अन्न पर जागरूकता अभियान, योग और ध्यान सत्र आदि शामिल रहे। इस मिशन के तहत जल भंडारण की सफाई, परिसर में वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध और छात्रावास और आवासों में लाइट बंद करना भी इस मुहिम का हिस्सा रहा। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना की संस्थागत विकास योजना के समर्थन से आयोजित किया गया।
मुख्य अतिथि ने विश्वविद्यालय और सरकारी स्कूलों में आयोजित भाषण, पोस्टर, नारा लेखन, नाटक और चित्रकला प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार भी प्रदान किए। इस कार्यक्रम में कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान झाँसी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अरुण हांडा, विश्वविद्यालय के कर्मचारी और छात्र सहित शमरोड, गौड़ा और पबियाना के सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के स्कूली बच्चों ने भी भाग लिया।
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