पंचायत चुनावों पर फैसला सुरक्षित, तय समय पर चुनाव मामले में हाई कोर्ट में सभी पक्षकारों की दलीलें पूरी

शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने तय समय पर पंचायत चुनाव करवाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। सभी पक्षकारों की दलीलों को सुनने के पश्चात न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि पंचायत चुनाव टालने की उसकी कोई मंशा नहीं है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इसके लिए कम से कम छह महीने का समय आवश्यक है। सरकार ने दलील दी कि प्रदेश में नई पंचायतों, पंचायत समितियों और नगर निगमों की परिसीमा निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है, जिसके चलते समय पर चुनाव करवाने में व्यावहारिक कठिनाइयां आ रही हैं।

याचिकाकर्ताओं ने सरकार की दलीलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपदा या परिसीमा निर्धारण का हवाला देकर चुनाव को अनिश्चितकाल तक टालना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नई पंचायतों और जिला परिषदों की परिसीमा निर्धारण की प्रक्रिया चुनाव संपन्न होने के बाद भी जारी रखी जा सकती है। याचिकाकर्ताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा गया कि समय पर चुनाव करवाना सरकार का संवैधानिक दायित्व है और परिसीमन जैसी गतिविधियों का हवाला देकर इन्हें नहीं टाला जा सकता।

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